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जानिए भारत रत्न अटल बिहार वाजपेयी से जुड़ी खास बातें, विरोधी भी थे कायल तो नेहरु ने की थी भविष्यवाणी

एक कवि, एक पत्रकार और पोखरण परमाणु विस्फोट करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी के पिता एक स्कूल टीचर थे।

जानिए भारत रत्न अटल बिहार वाजपेयी से जुड़ी खास बातें, विरोधी भी थे कायल तो नेहरु ने की थी भविष्यवाणी

एक कवि,एक पत्रकार और पोखरण परमाणु विस्फोट करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी के पिता एक स्कूल टीचर थे। अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरुआती दिनों में अपना कॅरियर पत्रकारिता से शुरु किया। उन्होंने राष्ट्र धर्म,पांचजन्य और वीर अर्जुन पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया।

वायपेयी ने की थी जन संघ की स्थापना

वाजपेयी जन संघ के संस्थापक सदस्य थे। अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरुआती दिनों में ही अपनी बोलने की कला से अपनी अलग ही पहचान बना ली थी। जन संघ ने उन्हें 1957 में 3 लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ाया। उन्हें लखनऊ,मथुरा और बलरामपुर से चुनाव में उतारा गया। जहां मथुरा से वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाये। बलरामपुर से चुनाव जीतकर वह पहली बार सांसद बने और देश की दूसरी लोकसभा में पहुंचे। पर लखनऊ वाजपेयी के दिल के हमेशा पास रहा।

वाजपेयी , जन संघ के अध्यक्ष रहे। आपातकाल के दौरान उनको जेल में डाला गया। 1977 में जब देश में जनता पार्टी की सरकार बनी तो उनको विदेश मंत्री बनाया गया। वाजपेयी ऐसे पहले इंसान थे जिन्होंने हिंदी को विश्व के सामने रखा। वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में अपना भाषण हिंदी में दिया। वाजपेयी की नजरों में यह पल उनके जीवन का शानदार पल था।

वाजपेयी बने थे बीजेपी सरकार के पहले पीएम

1980 में जब बीजेपी बनी तो वाजपेयी बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 1980 में ही उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। वाजपेयी 16 मई 1996 को देश के प्रधानमंत्री बने,पर लोकसभा में बहुमत साबित ना कर पाने की वजह से उनको प्रधानमंत्री पद से त्याग पत्र दे देना पड़ा।

दो दिन में गिर गई सरकार

1998 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने गठबंधन करके सांसद में बहुमत साबित किया। उनकी यह सरकार मात्र 2 दिनों में ही गिर गई। 1999 में देश में एक बार फिर आम चुनाव हुए और अटल बिहारी वाजपेयी देश के तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। वह ऐसे पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने जिन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल पुरा किया।

वाजपेयी को लेकर पूर्व पीएम नेहरु ने की थी भविष्यवाणी

वाजपेयी को पं नेहरु बहुत पसंद किया करते थे। अपने शुरूआती दिनों में वाजपेयी सांसद में पीछे बैठे करते थे। पर जब-जब अटल सांसद में अपना भाषण देते थे देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री पं नेहरु उसे ध्यान से सुनते थे। नेहरु ने एक बार किसी विदेशी प्रधानमंत्री से अटल बिहारी का परिचय देश के भावी प्रधानमंत्री के रुप में करवाया था। वाजपेयी नेहरु की आलोचना करते थे पर नेहरु वाजपेयी में हमेशा भावी पीड़ी का देश का नेता देखते थे।

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