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अटल बिहारी वाजपेयी की बेटी नमिता भट्टाचार्य के बारें में खास बातें

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 16 अगस्त 2018 को जब निधन हुआ तो अंतिम समय में नमिता भट्टाचार्य उनके साथ थीं। जब अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार किया गया तो उन्हें मुखाग्नि उनकी बेटी नमिता भट्टाचार्य ने दी थी। जानिए नमिता भट्टाचार्य से जुड़ी कुछ खास बातें।

अटल बिहारी वाजपेयी की बेटी नमिता भट्टाचार्य के बारें में खास बातें

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) का 16 अगस्त 2018 को जब निधन हुआ तो अंतिम समय में नमिता भट्टाचार्य उनके साथ थीं। अटलजी के निधन के बाद अटल बिहारी वाजपेयी की बेटी (Atal Bihari Vajpayee Daughter) नमिता भट्टाचार्य (Namita Bhattacharya) फूट फूटकर रोई थीं। दिल्ली में 18 अगस्त को जब अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार किया गया तो उन्हें मुखाग्नि उनकी बेटी नमिता भट्टाचार्य ने दी थी।

यहां हम अटल जी की बेटी नमिता भट्टाचार्य से जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं-

अटलजी ने गोद लिया था नमिता को

सब लोग जानते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आजीवान अविवाहित थे। नमिता भट्टाचार्य अटल बिहारी की गोद ली हुई बेटी हैं। अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति से संन्यास लेने के बाद अपनी बेटी नमिता भट्टाचार्य के साथ रहे। अटलजी के अंतिम दिनों में उनकी देखभाल नमिता भट्टाचार्य ने ही की थी।

पीएम बने तो सरकारी आवास पर रहती थीं 'नमिता'

अटल बिहारी वाजपेयी जब भरात के प्रधानमंत्री बने तब उनके सरकारी आवास पर बेटी नमिता और दामाद रंजन भट्टाचार्य साथ रहते थे। उस समय अटल जी ने नमिता को अपनी दत्तक पुत्री का दर्जा दिया था। उस समय नमिता और कौल परिवार ही अटलजी की देखभाल किया करता था।

7 RCR में मजबूत पकड़ थी नमिता और रंजन की

वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता ने अपने एक लेख में बताया था कि अटलजी जब भारत के प्रधानमंत्री थे, उस समय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ब्रजेश मिश्र, प्रधानमंत्री के सचिव एनके सिंह के बाद तीसरे महत्वपूर्ण आदमी नमिता के पति रंजन भट्टाचार्य थे।

नमिता-रंजन पर बहुत भरोसा करते थे अटलजी

विनोद मेहता ने अटलजी के बारे में लिखा कि अटल अपनी बेटी नमिता भट्टाचार्य और दामाद रंजन भट्टाचार्य पर बहुत ज्यादा भरोसा करते थे। अटलजी के प्रधानमंत्री रहने तक 7 रेस कोर्स में नमिता और रंजन की मज़बूत पकड़ थी।

कौन हैं नमिता भट्टाचार्य

नमिता भट्टाचार्य राजकुमारी कौल की बेटी हैं। नमिता भट्टाचार्य को अटल बिहारी वाजपेयी ने 70 के दशक में गोद लिया था। जब नमिता भट्टाचार्य के पिता ब्रिज नारायण का निधन हो गया तो अटलजी ही कौल परिवार के संरक्षक और अभिभावक बन गए।

कौन थीं राजकुमारी कौल

अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से अपनी पढ़ाई की थी। यहां राजकुमारी कौल उनकी सहपाठी (क्लास मेट) थीं। बताया जाता हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी और राजकुमारी कौल एक-दूसरे से मोहब्बत करते थे। अटलजी और राजकुमारी कौल की कॉलेज की ये दोस्ती जिंदगीभर चली।

राजकुमारी कौल के अंतिम संस्कार में पहुंची थीं ये हस्तियां

साल 2014 में राजकुमारी कौल का निधन हो गया था। राजकुमारी कौल के अंतिम संस्कार में भाजपा के बड़े नेताओं समेत देश की कई जानी मानी हस्तियां पहुंची थी। इसमें प्रमुखरूप से एलके आडवाणी, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज से लेकर सोनिया गांधी भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुई थीं। लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी नहीं पहुंचे थे क्योंकि तब तक अटलजी अल्जाइमर से पीड़ित हो चुके थे।

अटल जी के हमेशा साथ रहीं नमिता

वरिष्ठ लेखक और पत्रकार कुलदीप नैय्यर ने एक अखबार में लिखा था कि 'मिस कौल' अटल की सब कुछ थीं। उन्होंने जिस तरह अटल की सेवा की, वह कोई और नहीं कर सकता था। वह हमेशा उनके साथ रहीं।

अब कहां हैं नमिता

नमिता भट्टाचार्य और उनके पति रंजन भट्टाचार्य अपनी बेटी निहारिका के साथ अब भी अटल बिहारी वाजपेयी के आवास में रहते हैं। नमिता भट्टाचार्य के पति रंजन भट्टाचार्य के माता-पिता नहीं थे। इसलिए रंजन अटल जी को बापूजी कहकर बुलाते थे। जब रंजन के ससुर अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने ओएसडी के रूप में भी कार्य किया था।

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