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अटल जी से पूछा गया कि शादी क्यों नहीं की, जवाब मिला...

अटल बिहारी वाजपेयी 16 मई 1996 को भारत के प्रधानमंत्री बने थे। 1951 में अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य रहे थे। अपनी हिंदी में बेहतरीन पकड़ के कारण राजनीति में उन्होंने शुरूआत से ही काफी लोकप्रियता हासिल कर ली थी। 1977 के दौर में जनता पार्टी (janta party) की मोरारजी देसाई सरकार में वह विदेश मंत्री बने।

अटल जी से पूछा गया कि शादी क्यों नहीं की, जवाब मिला...
अटल बिहारी वाजपेयी (atal bihari vajpayee) 16 मई 1996 को भारत के प्रधानमंत्री (indian prime minister) बने थे। 1951 में अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय जनसंघ (bhartiye jansangh) के संस्थापक सदस्य रहे थे। अपनी हिंदी में बेहतरीन पकड़ के कारण राजनीति में उन्होंने शुरूआत से ही काफी लोकप्रियता हासिल कर ली थी। 1977 के दौर में जनता पार्टी (janta party) की मोरारजी देसाई सरकार में वह विदेश मंत्री बने। इसी दौरान संयुक्त राष्ट्र अधिवेशन में उन्होंने हिंदी में भाषण देकर इसे अपने जीवन का अब तक का सबसे सुख वाला समय बताया था। 1980 में वो बीजेपी (bjp) के संस्थापक सदस्य बने। 1980 से 1986 तक वो बीजेपी के अध्यक्ष रहे और इस दौरान वो बीजेपी संसदीय दल के नेता भी रहे। अटल जी के जीवन में कई ऐसे राज़ रहे हैं जिनसे उन्होने कभी पर्दा नहीं हटाया। जैसे उन्होने शादी क्यों नही की इस सवाल पर वह अलग ही कारण देते थे। द अनटोल्ड वाजपेयी में इस बात का उल्लेख किया गया है।

ग्वालियर (gwalior) के विक्टोरिया कॉलेज (victoria college) में अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी के विषयों में ग्रेजुएशन किया। वहां 40 के दशक में अटल जी की मुलाकात राजकुमारी (rajkumari) से हुई थी। राजकुमारी और अटल जी दोनों एक ही कॉलेज में साथ पढ़ते थे।
दोनों की जोड़ी ऐसी थी मानों राधा कृष्ण की जोड़ी हो दोनों ने एक दूसरे से कभी शादी नही की लेकिन बिना शादी किए दोनों के बीच प्यार रहा और दोनों साथ रहे। 1925 में उज्जैन में जन्मीं राजकुमारी, हक्सर गोविंद और मनमोहिनी हक्सर की बेटी थीं। वे इंदिरा गांधी (indira gandhi) की चचेरी बहन थीं।
लेकिन अटल जी को इस बात की जानकारी तब नहीं थी। जब दोनों की कॉलेज में मुलाकात हुई थी। 'बीबी कहलाने वाली राजकुमारी ग्वालियर में बसने से पहले कुछ समय तक पुरानी दिल्ली में भी रहीं। उनकी प्रेम कहानी की शुरूआत अटल जी के प्रेमपत्र से हुई जिसे उन्होने राजकुमारी की किताब में रख दिया था, लेकिन कहानी अलग ही रास्ते पर मुड़ गयी।
न तो राजकुमारी को वाजपेयी (atal bihari vajpayee) जी का प्रेमपत्र मिला और न वाजपेयी जी को राजकुमारी का लिखा हुआ पत्र मिल पाया। लेकिन इस बीच राजकुमारी के पिता जो एक सरकारी अधिकारी थे उन्होने अपनी बेटी की शादी युवा कॉलेज टीचर (College teacher) ब्रिज नारायण (brij narayan) से करा दी।
अटल जी ने कभी शादी नहीं की और राजनीति की दुनिया में आ गए। राजकुमारी कौल (rajkumari kaul) ने ब्रिज नारायण कौल (brij narayan kaul) के साथ घर बसा लिया। अटल ने राजकुमारी की बेटी को गोद ले लिया। इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर में कहा गया कि राजकुमारी अटल जी के जीवन की डोर थीं।
उनके घर की सबसे ज़रूरी सदस्य और उनकी सबसे अच्छी दोस्त थीं। कुलदीप नैय्यर ने टेलीग्राफ में लिखा था-संकोची मिसेज कौल अटल की सबकुछ थीं। उन्होंने जिस तरह अटल की सेवा की, वह कोई और नहीं कर सकता था। वह हमेशा उनके साथ रहीं।
दक्षिण भारत के एक पत्रकार गिरीश निकम ने बताया था कि अटल जी जब प्रधानमंत्री नहीं थे, तब भी मैं उनके घर पर फोन करता था, तो मिसेज कौल फोन उठाती थीं और कहती थीं- मैं मिसेज कौल बोल रही हूं। गिरीश निकम ने बताया था कि राजुकमारी कौल ने उन्हें अपनी और अटल बिहारी वाजपेयी (atal bihari vajpayee) की दोस्ती के बारे में बताया था, उन्होंने यह भी बताया था कि वह और उनके पति ब्रिज नारायण कौल अटल जी के साथ सालों से रहते हैं।
अटल जी से एक बार पूछा गया था कि उन्होंने आखिर शादी क्यों नहीं की।

कौन थे राजकुमारी के पति?

ब्रिज नारायण कौल ग्वालियर में कॉलेज टीचर थे। दोनों की शादी भी ग्वालियर में ही हुई। लोगों का मानना है कि ब्रिज नारायण कौल (brij narayan kaul) एक अच्छे शख्स थे। खुद राजकुमारी कौल ने एक महिला पत्रकार को दिये हुए एक इंटरव्यू में कहा की उन्हें कभी भी अपने और अटल जी के रिश्ते को लेकर ब्रिज नारायण को सफाई नहीं देनी पड़ी। कुछ सालों बाद राजकुमारी अपने पति के साथ दिल्ली आ गयी उनके पति दिल्ली यूनिवर्सिटी (delhi university) के रामजस कॉलेज (ramjas college) में फिलॉसॉफी के प्रोफेसर थे। 2014 में राजकुमारी का देहांत हो गया।
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