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पांचों राज्यों में भाजपा को झटका, गुणा-गणित में जुटे नेता जी

छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस के हाथों सीधी पराजय और मध्यप्रदेश में जारी नजदीकी जंग के बीच भाजपा भले ही अभी कोई त्वरित प्रतिक्रिया न दे रही हो लेकिन पार्टी नेतृत्व के माथे पर बल पड़ गया है।

पांचों राज्यों में भाजपा को झटका, गुणा-गणित में जुटे नेता जी

छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस के हाथों सीधी पराजय और मध्यप्रदेश में जारी नजदीकी जंग के बीच भाजपा भले ही अभी कोई त्वरित प्रतिक्रिया न दे रही हो लेकिन पार्टी नेतृत्व के माथे पर बल पड़ गया है। जिसके चलते भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीतिक समीक्षा के साथ ही गुणा-गणित शुरू कर दी है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी और मायावती के बीच गठबंधन के बाद भाजपा वहां अपनी जीत आसान मान रही थी। तो मध्यप्रदेश और राजस्थान में उसे कांटे के टक्कर का अंदेशा था। पार्टी मानकर चल रही थी कि अगर इन दो राज्यों त्रिशंकु विधानसभा के हालात बने तो वह जोड़-तोड़ के सहारे सरकार का गठन कर लेगी।

इसको लेकर गत 7 दिसम्बर को राजस्थान और तेलंगाना के मतदान खत्म होते ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया था। प्रभारी महासचिवों की बैठक कर सरकार बनाने की तैयारियों में लग जाने का निर्देश दिया था।

मंगलवार को जब शुरुआती रुझान में मध्यप्रदेश और राजस्थान में मुकाबला नजदीकी का दिखा तो फौरन भाजपा कोर कमेटी की बैठक भी बुला ली गई। लेकिन ज्यों-ज्यों दिन चढ़ता गया तो पार्टी को अपनी रणनीति भी बदलनी पड़ गई। पहले कोर कमेटी की बैठक को रद्द किया गया,उसके बाद भाजपा संसदीय दल की बैठक भी कल तक के लिए टाल दी गई।

भाजपा सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के बाद जब राजस्थान में भी कांग्रेस के बहुमत और मध्यप्रदेश में चल रहे नजदीकी मुकाबले के चलते कोर कमेटी की बैठक रद्द कर दी गई। हालांकि मध्यप्रदेश को लेकर अभी पार्टी की तैयारी जारी है। अगर तिशंकु विधानसभा के हालात बने तो भाजपा सूबे में सरकार बनाने की पूरी कोशिश करेगी।

हालांकि इन प्रमख बैठकों को रद्द करने के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इसके बाद कुछ प्रभारी महासचिवों के साथ अलग से भी बैठक भी की।

नई रणनीति बनाने पर विचार

इधर, भाजपा की बैठक में माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व 2019 के लोकसभा चुनाव में हारे हुए राज्यों के लिए रणनीतिक समीक्षा की बात की गई तो मध्यप्रदेश के बनते -बिगड़ते समीकरणों पर चौकन्ना रहने का निर्देश दिया। नई रणनीति बनाने पर विचार किया। पार्टी के एक नेता ने कहा कि ये चुनाव परिणाम भाजपा के लिए निराशाजनक जरूर हैं, लेकिन इसे शर्मनाक नहीं कहा जा सकता है।

ऐसे रहा वोटों का गणित

सत्ता विरोधी रुझान के बावजूद राजस्थान पार्टी को कांग्रेस के 39.4 के मुकाबले 38.8 फीसदी वोट मिले हैं। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 41.3 के मुकाबले भाजपा को 41.2 मत मिले हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा को कांग्रेस के 43.1 के मुकाबले 32.9 फीसदी वोट ही मिले हैं। जो उम्मीद से कम है। लेकिन पार्टी जल्द ही इस झटके से उबर जाएगी।

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