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मध्य प्रदेश में फंसाया राजस्थान-छत्तीसगढ़ में हंसाया, मिजोरम-तेलंगाना ने कांग्रेस को रुलाया

सत्ता का सेमीफाइनल कहे जा रहे पांच राज्यों के विधानसभा के नतीजे अा गए हैं। मौजूदा भाजपा शासित तीन राज्यों में पार्टी को करारा झटका लगा है लेकिन कांग्रेस को नया जीवन मिला है।

मध्य प्रदेश में फंसाया राजस्थान-छत्तीसगढ़ में हंसाया, मिजोरम-तेलंगाना ने कांग्रेस को रुलाया

सत्ता का सेमीफाइनल कहे जा रहे पांच राज्यों के विधानसभा के नतीजे अा गए हैं। मौजूदा भाजपा शासित तीन राज्यों में पार्टी को करारा झटका लगा है लेकिन कांग्रेस को नया जीवन मिला है। मंगलवार देर शाम तक आए ताजा रुझानों में राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने भाजपा से 28 सीटें छीनकर कांग्रेस को देकर हंसने, जश्न मनाने का मौका दिया है।

वहीं मध्यप्रदेश की जनता ने कांग्रेस को 51 सीटों की बढ़त दी है। और भाजपा की 53 सीटें कम कर दी हैं। यहां दोनों ही पार्टियों को थोड़ी कम ज्यादा सीटें मिलने से असमंजस बन गई है।

इतना हीं मिजोरम की जनता ने 2013 में कांग्रेस को दी 34 सीटों में से 29 छीनकर 5 पर ला दिया है इससे वहां कांग्रेस के लिए रोने की हालत हो गई है। यहां राज्‍य में मिजो नैशनल फ्रंट बहुमत की ओर बढ़ रहा है। वहीं तेलंगाना टीआरएस के गुलाबी रंग में रंग गया और पार्टी दो तिहाई बहुमत हासिल करने की ओर अग्रसर है।

राजस्थान में बढ़त, छत्तीसगढ़ में विजयी

राजस्थान में कांग्रेस मौजूदा सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी से निर्णायक बढ़त ले चुकी है और माना जा रहा है कि वह अपने बल पर बहुमत हासिल कर सरकार बना पाएगी। देर शाम तक आए ताजा रुझानों में कांग्रेस 86 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि 15 जीत चुकी है। बीजेपी 60 सीटों पर आगे चल रही है , जबकि 11 सीटें जीत चुकी है।

यहां तीसरी ताकत के रूप में बीएसपी बढ़ती दिखी है, राजस्थान में कुल 200 विधानसभा सीटें हैं , लेकिन एक सीट पर मतदान अभी नहीं हुआ है। इसलिए 199 सीटों के आधार पर ही बहुमत का फैसला होगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस स्पष्ट रूप से जीत दर्ज कर चुकी है। यहां भाजपा को 34

सीटों को नुकसान हुआ जो सीधे तौर कांग्रेस के खाते में 27 सीटों के तौर पर गई हैं। इधर राजस्थान विधानसभा चुनाव की मतगणना से अभी तक जो रुझान मिल रहे हैं उससे वर्ष 2008 की स्थिति रिपीट होती दिख रही है। 10 साल पहले हुए चुनाव में कांग्रेस को 96 सीटों पर जीत मिली थी और बीजेपी के खाते में 78 सीटें गई थीं।

बीएसपी उस समय भी 6 सीटें जीतने में सफल रही थी। मौजूदा यानी 2018 विधानसभा चुनाव परिणामों की बात करें तो अब तक रुझानों के आधार पर तस्वीर फिलहाल इसी के आसपास बनती दिख रही है।

मध्‍य प्रदेश में कांटे की टक्‍कर

'देश का दिल' कहे जाने वाले मध्‍य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्‍कर जारी है। अभी तक के रुझानों के मुताबिक राज्‍य में दोनों ही दलों को बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं मिल पाया है। राज्‍य में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जोरदार टक्‍कर देखने को मिल रही है।

चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मध्‍य प्रदेश की 230 सीटों में से बीजेपी 108, कांग्रेस पार्टी 112, बहुजन समाज पार्टी 4, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एक, समाजवादी पार्टी 2, निर्दलीय 3 सीटों पर आगे चल रही है। बता दें कि 'मामा' के नाम से मशहूर शिवराज सिंह चौहान पिछले 13 साल से मध्‍य प्रदेश सीएम हैं। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी, कमलनाथ, ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया और दिग्विजय सिंह ने इस बार मध्‍य प्रदेश में जोरदार चुनाव प्रचार किया था।

मिजोरम और तेलंगाना में छिनी सीटें

मिजोरम की जनता ने 2013 में कांग्रेस को दी 34 सीटों में से 29 छीनकर 5 पर ला दिया है इससे वहां कांग्रेस के लिए रोने की हालत हो गई है। यहां राज्‍य में मिजो नैशनल फ्रंट बहुमत की ओर बढ़ रहा है। कुछ ऐसी ही स्थिति कांग्रेस के लिए तेलंगाना में भी दिखाई दे रही है। रुझानों में तेलंगाना टीआरएस के गुलाबी रंग में रंग गया और पार्टी दो तिहाई बहुमत हासिल करने की ओर अग्रसर है।

देश के पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनाव में तेलंगाना के कार्यवाहक मुख्‍यमंत्री के चंद्रशेखर राव असली हीरो साबित हुए। केसीआर का करीब 6 महीने पहले चुनावी मैदान में उतरने का फैसला बिल्‍कुल सही साबित हुआ और उनकी पार्टी तेलंगाना राष्‍ट्र समिति 86 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

इसके साथ ही केसीआर ने तेलंगाना में सत्‍ता में आने का सपना देख रहे कांग्रेस-टीडीपी गठबंधन के इरादों पर पानी फेर दिया। कांग्रेस-टीडीपी गठबंधन मात्र 23 सीटों पर या तो जीत चुका है या आगे चल रहा है। इस तरह एक बार फिर से तेलंगाना टीआरएस के गुलाबी रंग में रंग गया।

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