Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

विधानसभा चुनाव में भाजपा के काम आएगा संघ का नेटवर्क, निभाएगा बड़ी भूमिका

भारतीय जनता पार्टी में टिकट को लेकर जिस तरह से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को तवज्जों दी जा रही है, इससे स्पष्ट हो गया है कि संघ आम चुनाव में बड़ी भूमिका निभाने जा रही है। इसी तरह के संकेत मालवा, मध्यभारत व महाकौशल के क्षेत्रीय प्रचारकों को दिए गए हैं।

विधानसभा चुनाव में भाजपा के काम आएगा संघ का नेटवर्क, निभाएगा बड़ी भूमिका
भारतीय जनता पार्टी में टिकट को लेकर जिस तरह से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को तवज्जों दी जा रही है, इससे स्पष्ट हो गया है कि संघ आम चुनाव में बड़ी भूमिका निभाने जा रही है। इसी तरह के संकेत मालवा, मध्यभारत व महाकौशल के क्षेत्रीय प्रचारकों को दिए गए हैं।
इसकी खास वजह यह बताई जा रही है कि टिकटों को लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्वे पर संघ ने आपत्ति जताई थी। उसे भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने मान लिया है। दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने भाजपा की प्रदेश टीम के बजाय संघ कार्यकर्ताओं को प्रमुखता देने का निर्णय लिया है।
केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि संघ व भाजपा का जमीनी कार्यकर्ता हमेशा से कांग्रेस पार्टी व अन्य दलों के निशाने पर रहता है। कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा हमले संघ पर किया है।
कथित सेक्युलरवादी पार्टियों का सबसे ज्यादा विरोध संघ के प्रति रहा है। राष्ट्रवादियों को छोड़कर बाकी लोग हमेशा से संघ को निशाने पर लिए रहते हैं। दूसरी तरफ भाजपा का जमीनी कार्यकर्ता संगठन व सत्ता दोनों से दूरी बनाए हुए है, वह निराश चल रहा है।
सरकार के प्रति एंटी इनकंबेंसी हावी है। केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि तमाम विरोधाभाषों के बीच संघ ही डैमेज कंट्रोल कर चुनावी बैतरणी पार करा सकता है।

संघ ने हर स्तर के सर्वे पर उठाई थी आपत्ति

भाजपा ने प्रत्याशियों के चयन व टिकटों के बंटवारे को लेकर सर्वे कराया था। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय व बड़े नेताओं ने इस सर्वे की आड़ में अपने चहेते लोगों का नाम सूची में शामिल करवा कर उसे भिजवा दिया।
जब संघ से इस बारे में फीडबैक ली गई तो संघ ने सर्वे में भारी गड़बड़ी जताते हुए आपत्ति ली। बताते हैं कि नेताओं ने जो चुनाव जीतने में योग्य नहीं हैं, उन चहेतों का नाम भी सूची में डलवा दिया।
बाद में सर्वे करने वाली एजेसिंयों ने उन्हीं नामों को प्रदेश नेतृत्व के पास भेज दिया। सूत्रों ने बताया कि 5 स्तरों से कराए गए सर्वे के आधार पर प्रत्याशियों का औसत फीडबैक निकाला गया। इन्हीं नामों को टिकट के दावेदारों में शामिल किया गया है।

संघ का जमीनी नेटवर्क भाजपा से बेहतर

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का जमीनी नेटवर्क भाजपा से तगड़ा है। संघ के पास सरस्वती शिशु मंदिर, किसान संघ, मजदूर संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, विद्या भारती जैसे संगठनों का व्यापक आधार मौजूद है।
संघ सूत्रों ने बताया कि संघ के जितने भी अनुषांगिक संगठन हैं, उन सभी में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रति अंदरूनी तौर पर नाराजगी है। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व ने आशंका भांपकर टिकटों के साथ ही चुनाव का काफी कुछ दारोमदार संघ को सौंपा है।
संघ की दृष्टि से मप्र का पूरा क्षेत्र उसके मालवा, मध्यप्रांत व महाकौशल क्षेत्र में समाहित है। ऐसे में संघ नेतृत्व ने तीनों क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रचारकों को पूरी ताकत से विधानसभा चुनाव में जुट जाने को कहा है।
भाजपा नेतृत्च से भी कहा है कि वह हर तरह से संघ नेतृत्व की मदद करें। इसमें कहीं से भी कोई अन्यथा जैसी बात नहीं होनी चाहिए।

केंद्रीय नेतृत्व ने मांगा है सहयोग

सूत्रों ने बताया कि पड़ोसी राज्यों खासकर राजस्थान में जिस तरह से चुनाव को लेकर उथल-पुथल की स्थिति मची हुई है, ऐसे में मप्र को बचाने की बड़ी चुनौती सामने है।
इसे देखते हुए भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने संघ नेतृत्व से सहयोग मांगा है। पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जब मप्र दौरे पर आए तो उन्होंने संघ कार्यालय समिधा में संघ पदाधिकारियों के साथ लंबी बातचीत की थी।
एक-एक मुद्दे पर फीडबैक लेने के बाद संघ से सहयोग मांगा था। इसके बाद ही संघ ने अपना पूरा नेटवर्क चुनाव में झोंक दिया।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top