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विधानसभा चुनाव 2018ः कड़ी सुरक्षा के बीच 20 दिन कैद रहेंगी EVM मशीनें

विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद पुलिस-प्रशासन के सामने ईवीएम मशीनों की सुरक्षा की चुनौती है, क्योंकि मतदान के बाद 11 दिसंबर को मतगणना होनी है, इस बीच पूरे 20 दिन का अंतराल रहेगा। इसके चलते ईवीएम मशीनों की सुरक्षा पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती साबित होगी।

विधानसभा चुनाव 2018ः कड़ी सुरक्षा के बीच 20 दिन कैद रहेंगी EVM मशीनें

विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद पुलिस-प्रशासन के सामने ईवीएम मशीनों की सुरक्षा की चुनौती है, क्योंकि मतदान के बाद 11 दिसंबर को मतगणना होनी है, इस बीच पूरे 20 दिन का अंतराल रहेगा। इसके चलते ईवीएम मशीनों की सुरक्षा पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती साबित होगी।

20 नवंबर को होने वाले मतदान के बाद ईवीएम मशीनों की वापसी शासकीय इंजीनियरिंग काॅलेज सेजबहार में होगी। जिले में मतदान के बाद सभी ईवीएम, वीवीपैट केंद्रीय सुरक्षा बलों की सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में जमा की जाएगी।

बताया गया है कि मशीनों को यहां पर जिले की सात विधानसभा के लिए एक बड़े हाल में रखा जाएगा। यहां पर विधानसभा वार इन 1862 मतदान केंद्रों से आने वाली मशीनों को दूसरे दिन सुबह तक लाया जाएगा। शहर के मतदान केंद्रों की मशीनें देर रात तक जमा हो जाएंगी।
बताया जा रहा है कि अन्य मतदान केंद्रों की मशीनें के लौटने का क्रम रातभर चलेगा। यहां पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों व सुरक्षा बलों की उपस्थिति में सारी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में बनाए गए स्ट्रांग रूम में 24 घंटे केंद्रीय सुरक्षा बल के एक कंपनी की ड्यूटी लगाई गई है। उनकी उपस्थिति में यहां पर ईवीएम और वीवीपेट को रख कमरे को निर्वाचन से जुड़े अफसरों की उपस्थिति में सील बंद और खोला जाएगा।
मतगणना तक स्ट्रांग रूम परिसर के आसपास किसी के आने की अनुमति नहीं रहेगी। ईवीएम मशीनों की सुरक्षा के लिए परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पुख्ता कर दी गई है। जवानों से राउंड द क्लॉक स्ट्रांग रूम की लगातार निगरानी कराई जाएगी।
चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए कॉलेज परिसर में पुलिस द्वारा कई लोकेशंस पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, इन कैमरों से स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की जाएगी और परिसर की गतिविधियों पर निगाह रखी जाएगी। जिले के वरिष्ठ अधिकारी सीसीटीवी कैमरों की लगातार मॉनिटरिंग करेंगे।
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