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ट्रिपल तलाक बिल का औवेसी ने किया विरोध, लिखा कानून मंत्री को खत

तीन तलाक पर बने विधेयक को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम का विरोध भी किया जा रहा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक का विरोध किया है।

ट्रिपल तलाक बिल का औवेसी ने किया विरोध, लिखा कानून मंत्री को खत

तीन तलाक पर बने विधेयक को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम का विरोध भी किया जा रहा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक का विरोध किया है।

ओवैसी ने विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी की विरोध करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को खत भी लिखा है। इस खत में उन्होंने सरकार के इस कदम को अफसोसजनक बताते हुए उस पर जेंडर जस्टिस के नाम पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया।

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ओवैसी ने ये भी कहा कि सरकार को इस कानून के संबंध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से राय मशविरा कर उनके विचार जानने चाहिए।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इस विधेयक पर मुहर लगा दी है। जिसके बाद संसद के दोनों सदनों में शीतकालीन सत्र में विधेयक को पेश किया जाएगा।

ये है विधेयक में प्रावधान

  • इस विधेयक के तहत एक बार में तीन तलाक को 'गैरकानूनी और अमान्य' करार दिया गया है। इसके मुताबिक एक बार में तीन तलाक देने वाले पति को तीन साल की जेल की सजा होगी।
  • विधेयक के प्रावधानों के अनुसार पति पर जुर्माना लगाया जाएगा और जुर्माने की राशि मजिस्ट्रेट तय करेगा।
  • यह कानून सिर्फ उसी हालत में लागू होगा जब किसी महिला को एक साथ तीन बार तलाक...तलाक...तलाक बोलकर तलाक दिया गया हो। ऐसा होने पर पीड़िता को अधिकार मिलेगा कि वह अपने और नाबालिग बच्चों के लिए 'उचित गुजारा भत्ते' की मांग करते हुए मजिस्ट्रेट से संपर्क कर सके। महिला अपने नाबालिग बच्चों का संरक्षण भी मांग सकती है, हालांकि इस बारे में फैसला मजिस्ट्रेट करेगा।
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