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वायु सेना प्रमुख की इस योजना से दुश्मनों का होगा विनाश

बल के परिवहन विमानों ने 35 बार उड़ानें भरी।

वायु सेना प्रमुख की इस योजना से दुश्मनों का होगा विनाश
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नई दिल्ली. अग्नि-5 मिसाइल के परीक्षण के बाद आयी पड़ोसी चीन की आक्रामक प्रतिक्रिया को पूरी तरह से खारिज करते हुए वायुसेनाप्रमुख एयरचीफ मार्शल अरुप राहा ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, सामान्य कूटनीति या सैन्य कूटनीति में ऐसी भाव-भंगिमाएं या संकेत हमेशा ही रहेंगे। लेकिन हमें हमारी योजनाआें को आगे बढ़ाते रहना चाहिए। ये जानकारी वायुसेनाध्यक्ष ने यहां बुधवार को अपनी सेवानिवृति (31 दिसंबर) से पहले यहां राजधानी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दी।
गौरतलब है कि परीक्षण के बाद चीन ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा था कि उसे उम्मीद है कि भारत द्वारा परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम मिसाइल का सफल परीक्षण करने के दौरान संयुक्त राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नियमों और दक्षिण-पूर्व एशिया में शाक्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया गया होगा।
क्षमताआें का विकास जरूरी
राहा ने कहा कि यह हर देश का अधिकार है कि वो तमाम जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताआें का विकास करें। किसी को भी किसी के कुछ करने पर तब तक कुछ नहीं कहना चाहिए जब तक वह परमाणु प्रसार जैसा कुछ निषिद्ध नहीं हो। यह सामान्य जानकारी है कि इस क्षेत्र में सांठगांठ, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के मामले में क्या हो रहा है, जो कि निषिद्ध है। अन्य कोई क्या कर रहा है उस पर वह तब तक कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करना चाहेंगे, जब तक कि वह निषिद्ध नहीं हो। हमें यह भी पता है कि हमें पूर्व में कई लड़ाइयों में धकेला गया है। इसलिए ऐतिहासिक अनुभव को देखते हुए हमें अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। हम किसी दुश्मन को कैसे रोकेंगे जो कि मजबूत है? हमें दुश्मन के केंद्र तक मार करने, लक्ष्यों को प्रभावी तरीके से लेने के लिए अपनी क्षमता का निर्माण करना होगा, जिससे कि दुश्मन को नुकसान पहुंचे।
वायुसेना को जिम्मेदार ठहराना गलत
वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस.पी. त्यागी के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में कई एजेंसियां शामिल होती हैं और कोई भी किसी एक संगठन या एक सेवा को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता। सारे निर्णय सामूहिक रूप से लिए गए थे और एकमात्र उन्हें जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने दुख जताया कि दशकों से कथित भ्रष्टाचार की जांच होने के बावजूद भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों पर जांच एजेंसियां कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई हैं। त्यागी ने कहा है कि उनके साथ रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) और प्रधानमंत्री कार्यालय भी निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल है। जब तक किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जाता, मेरा मानना है कि हमें उन्हें सम्मान देना चाहिए। लेकिन अगर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके लिए कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए। पूर्व वायुसेना प्रमुख परिवार के सदस्य की तरह हैं। अगर कोई मेरे परिवार में कठिन समय से गुजरता है तो मेरा मानना है कि हमें उस व्यक्ति के साथ खड़ा होना चाहिए। अगर आरोप साबित हो जाते हैं तो फिर उसके लिए हमारी कोई सहानुभूति नहीं है। जो भी आरोप साबित होते हैं और जो दंड दिया जाता है, हम उसे स्वीकार करेंगे।
650 टन मुद्रा का वितरण
विमुद्रीकरण सरकार द्वारा लिया गया एक बड़ा निर्णय है और हम देश और सरकार के प्रति समर्पित हैं। इसी के तहत वायुसेना के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, सी-17 ग्लोबमास्टर जैसे परिवहन विमानों ने चार प्रमुख छापेखानों से कुल 650 टन की मुद्रा को देश के अलग-अलग भागों में पहुंचाने में मदद की। इसके लिए बल के परिवहन विमानों ने 35 बार उड़ानें भरी।
250 विमान चाहिए
वायुसेना को अगले पांच से दस वर्षों में कुल करीब 250 लड़ाकू विमानों की आवश्यकता होगी। यह बल के पुराने और फेज आउट हो चुके विमानों की जगह लेंगे। एलसीए ने कुछ अंतर को भरा है। राफेल एक बेहतरीन विमान है और यह किसी भी स्थिति का सामना कर सकता है। लेकिन इनका आंकड़ा केवल 36 है। हमें इस कम भार वाली श्रेणी में और अधिक विमानों की आवश्यकता है।
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