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अरुणाचल प्रदेश में लोहित ब्रिज ने किया खास काम, जिले के युवाओं को मिला रोजगार और अच्छी शिक्षा

देश में विकास की लहर चल रही है मगर अरुणाचल प्रदेश के लोहित में यह लहर नहीं पहुंच पाई है, जिसकी वजह से वहां के लोगों का विकास नहीं हो पाया है। मगर भारतीय सेना ने भारतीय सेना कई तरह से यहां युवा पीढ़ी की सहायता करने के लिए सामने आई है।

अरुणाचल प्रदेश में लोहित ब्रिज ने किया खास काम, जिले के युवाओं को मिला रोजगार और अच्छी शिक्षा

देश में विकास की लहर चल रही है मगर अरुणाचल प्रदेश के लोहित में यह लहर नहीं पहुंच पाई है, जिसकी वजह से वहां के लोगों का विकास नहीं हो पाया है। मगर भारतीय सेना कई तरह से यहां युवा पीढ़ी की सहायता करने के लिए सामने आई है।

भारतीय सेना इस जिले का विकास करने के लिए वहां के स्कूली बच्चों का प्रशिक्षण कर रही है और उन बच्चों को देश के विकसित राज्यों का दौरा भी करवाया गया है।

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लोहित जिले के श्रम और रोजगार अधिकारी ली एते ने कहा है कि करीब पांच जिले के बच्चों को भारतीय सेना की 11 ग्रेनेडियर्स और 82 माउंटेन ब्रिगेड के जवानों ने इस सभी का प्रशिक्षण किया है। उन्होंने आगे कहा है कि इन जवानों की महनत की वजह से 50 यूवाओं को भारतीय सेना में शामिल किया गया है।

लोहित जिले के अधिकारी ली एते ने आगे कहा है कि 350 यूवोओं को भर्ती किया था, जिसमें से 250 युवाओं ने फिजिकल और मेडिकल टेस्ट पास किया था और जिन लोगों ने यह टेस्ट पास किए थे उन सभी को यहां ट्रेनिंग दी जाएगी।

ली एते ने कहा है कि जब हमने ट्रेनिंग कर रहे युवाओं से बात की तो हमे पता चला कि उनमें अब भी देश भक्ति की भावना बाकि है। उन्होंने आगे कहा है कि एक महीने की ट्रेनिंग के पांच जिलों के 50 युवाओं को भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा।

बता दें कि भारत चीन सीमा ( लाइन ऑफ एक्चुअल कण्ट्रोल ) के इतने समीप होने के कारण यह जिला पूरे देश के साथ विकास से भी कट जाता है। यहां एक छोटा स्कूल है, जिसका नाम लोहित गुडविल स्कूल है। भारतीय सेना इस स्कूल को चलाती है और वहां के लोगों की मदद भी करती है।

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भारतीय सेना की दाओ डिवीज़न के जवानों ने किबिथु और वालोंग इलाके में रहने वाले बच्चों के साथ बाकि लोगों की भी काफी मदद की है। उन सभी बच्चों को भारतीय सेना ने देश के विकसित राज्यों को दिखाया है, जिससे वे बच्चें इन राज्यों को देख कर प्रेरित हो सके। इस तर्ज पर भारतीय सेना ने करीब तीस बच्चों को दिल्ली और आगरा भेजा है।

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