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खुशखबरी: एक जुलाई से लागू होगा GST

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पूरे देश में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) एक जुलाई से लागू हो जाएगा।

खुशखबरी: एक जुलाई से लागू होगा GST

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) एक जुलाई से लागू होना तय है और इससे वस्तुओं के दाम में कोई महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं होगी, यद्यपि कुछ सेवाओं की लागत में मामूली वृद्धि हो सकती है।

भारत की आजादी के बाद जीएसटी को सबसे बड़ा कर सुधार बताते हुए जेटली ने कहा कि जीएसटी से राज्य और केंद्र के स्तर पर लगने वाले करों के स्थान पर एक राष्ट्रीय बिक्री कर लगेगा जो देश में एकल बाजार का निर्माण करेगा और कारोबारियों के लिए उसकी पहुंच आसान बनाएगा।

कर दर को जल्द अंतिम रूप

यहां सीआईआई-कोटक निवेशक गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि उनकी अध्यक्षता और हर राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली जीएसटी परिषद अगले कुछ दिनों में विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के लिए कर की दर को अंतिम स्वरुप प्रदान कर देगी और देश एक जुलाई से अप्रत्यक्ष करों को आसान बनाने के सही रास्ते पर है।

अप्रत्यक्ष कर ढ़ांचा जटिल

वित्त मंत्री जेटली ने कहा, ‘‘भारत में मौजूदा अप्रत्यक्ष कर ढांचा काफी जटिल है, जो लोग वस्तु या सेवा क्षेत्र में काम करते हैं उन्हें अलग-अलग प्राधिकारियों के साथ कार्य करना होता है।'' जेटली ने कहा, ‘‘पूरा देश कई बाजारों में विभाजित है, ऐसे में वस्तु या सेवाओं का मुक्त आवागमन मुमकिन नहीं है। अब जीएसटी से पूरे देश में एक ही कर होगा।''

चार स्तरीय होगा कर ढ़ांचा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था में वस्तुओं पर कर की दर जहां मामूली तौर पर कम होगी तो वहीं सेवाओं पर कर की दर मेें थोडी वृद्धि होगी। जीएसटी परिषद ने चार स्तरीय कर ढांचे को अंतिम रुप दे दिया है जिसमें पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत कर की दर का प्रावधान किया गया है। इसकी अगले हफ्ते होने वाली बैठक में विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दर को अंतिम रुप दिया जा सकता है।

महंगाई नहीं बढ़ेगी

जीएसटी लागू होने से महंगाई बढ़ने के प्रश्न पर जेटली ने जवाब में कहा, ‘‘जहां तक मेरा मानना है कि ऐसा नहीं होगा। यदि ऐसा होता भी है तो यह अस्थायी प्रभाव होगा। '' जीएसटी परिषद की अगली बैठक 18-19 मई को होनी है जिसमें कर की दरों को अंतिम रुप दे दिया जाएगा। इसलिए इसे एक जुलाई से लागू करने में उन्हें कोई कठिनाई नहीं दिखती है।

प्रणाली में नई नकदी आने से कर आधार बढ़ेगा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि दुनिया में सबसे बडी ‘नोटबंदी' के बाद बैंकिंग प्रणाली में नई नकदी डालने का काम लगभग पूरा हो गया है और इस कदम से देश में कर के दायरे का विस्तार करने में मदद मिलेगी। नवंबर, 2016 को सरकार ने 500 और 1,000 के नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे देश में चलन से 86.4 प्रतिशत मुद्रा बाहर हो गई थी।

हालात सुधरने पर ही बैंकों की हिस्सेदारी की बिक्री

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों में अपनी हिस्सेदारी को कम करके 52 प्रतिशत तक कर सकती है लेकिन यह कदम इन बैंकों की हालत सुधरने के बाद उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में जो धन मिलेगा उसे बैंकों की पूंजी बढाने में इस्तेमाल किया जाएगा। जेटली ने उम्मीद जताई कि फंसे कर्जों की बढती समस्या के समाधान के लिए सरकार द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक को दिए गए नए अधिकार के बाद इसका हल निकलेगा।

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