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जेटली ने GDP के संशोधित आंकड़ों का किया बचाव, कहा- CSO भरोसेमंद संस्थान

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने यूपीए शासन के दौरान जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़ों में हुए संशोधन का बचाव करते हुए कहा कि केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) एक विश्वसनीय संस्थान है और यह वित्त मंत्रालय से अलग स्वतंत्र रूप से काम करता है।

जेटली ने GDP के संशोधित आंकड़ों का किया बचाव, कहा- CSO भरोसेमंद संस्थान

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने पिछले यूपीए शासन के दौरान जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़ों में हुए संशोधन का बचाव करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) एक विश्वसनीय संस्थान है और यह वित्त मंत्रालय से अलग स्वतंत्र रूप से काम करता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि वृद्धि दर के संशोधित आंकड़े नये आधार वर्ष 2011-12 के नये फार्मूले पर आधारित है। यह वैश्विक स्तर पर अधिक तुलनीय है क्योंकि यह भारतीय अर्थव्यवस्था का अधिक व्यापक प्रतिनिधित्व करता है और वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित करता है।

वृद्धि दर के आंकड़ों में संशोधन को लेकर कांग्रेस की आलोचना को आड़े हाथ लेते हुए जेटली ने कहा कि इस पार्टी ने इसी सीएसओ की संप्रग के अंतिम दो साल के आंकड़ों में संशोधन और उसमें वृद्धि को लेकर सराहना की थी और यहां तक कहा था कि जीडीपी की नई श्रृंखला से यह स्थापित हो गया कि हमने अर्थव्यवस्था का कुप्रबंधन नहीं किया।

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मुख्य सांख्यिकीविद् प्रवीण श्रीवास्तव ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के साथ बुधवार को सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों को 2004-05 के आधार वर्ष के बजाए 2011-12 के आधार वर्ष के हिसाब से संशोधित किया। संशोधित आंकड़ा जारी होने के एक दिन बाद अरुण जेटली ने कहा कि सीएसओ जैसे भरोसेमंद संस्थान की आलोचना करना उपयुक्त नहीं है।

देश की आर्थिक वृद्धि दर औसतन 6.7 प्रतिशत

यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है क्योंकि हर बार आप मानदंडों में सुधार करते हैं ताकि अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति प्रतिबिंबित हो सके। संशोधित आंकड़ों के अनुसार पूर्व कांग्रेस नीत संप्रग सरकार में देश की आर्थिक वृद्धि दर औसतन 6.7 प्रतिशत रही जो मौजूदा सरकार के अंतर्गत 7.3 प्रतिशत थी। पूर्व आंकड़ों के आधार पर संप्रग के 10 साल के शासन में वृद्धि दर 7.75 प्रतिशत थी।

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सीएसओ काफी भरोसेंद संगठन

वित्त मंत्री ने कहा कि इसी संप्रग ने 2015 में सीएसओ के संशोधित आंकड़े का स्वागत किया था लेकिन अब जब इसमें कमी की गयी है, तो उसकी निंदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि सीएसओ काफी भरोसेंद संगठन है। यह वित्त मंत्रालय से स्वतंत्र कार्य करता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वास्तव में हमें भी तभी आंकड़े का पता चला जब इसे जारी किया गया।

चिदंबरम ने किया बेहुदा मजाक

सीएसओ की अगुवाई करने वाले सभी प्रख्यात लोगों की यही राय है कि यह आंकड़ा अधिक समावेशी है और भारतीय अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर प्रतिबिंबित करता है। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को जीडीपी के आंकड़ों में संशोधन को ‘बेहुदा मजाक' करार दिया था। उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि नीति आयोग का संशोधित जीडीपी आंकड़ा मजाक है। यह बेहुदा मजाक है।

जीडीपी की नई श्रृंखला

अरुण जेटली ने कहा कि जब सीएसओ ने संप्रग शासन के दौरान 2012-13 और 2013-14 के लिये वृद्धि दर का आंकड़ा संशोधित कर बढ़ाया गया था तब तत्कालीन सरकार के लोगों ने इसका स्वागत किया था और यहां तक कहा था कि जीडीपी की नई श्रृंखला से यह स्थापित हो गया कि हमने अर्थव्यवस्था का कुप्रबंधन नहीं किया।

जीडीपी में वृद्धि दर के आंकड़

सीएसओ ने बुधवार को पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दस साल के कार्यकाल के अधिकतर वर्ष के सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी में वृद्धि दर के आंकड़ों को घटा दिया। इससे संप्रग सरकार के कार्यकाल के उस एकमात्र वर्ष के आंकड़ों में भी एक प्रतिशत से अधिक कमी आई है जब देश ने दहाई अंक में वृद्धि दर्ज की थी।

तीन वित्त वर्ष के आंकड़

इसके अलावा 9 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर वाले तीन वित्त वर्ष के आंकड़ों में भी एक प्रतिशत की कमी आई है। इसमें आंकड़ों को 2004- 05 के आधार वर्ष के बजाय 2011- 12 के आधार वर्ष के हिसाब से संशोधित किया गया है, ताकि अर्थव्यवस्था की अधिक वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।

सीएसओ के संशोधित आंकड़ों के अनुसार 2010-11 में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रही थी जबकि इसके पहले 10.3 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया

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