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PoK में आतंकी नेटवर्क के सफाए के लिए सेना ने मांगे इतने दिन

पाक के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को तबाह करने की योजना

PoK में आतंकी नेटवर्क के सफाए के लिए सेना ने मांगे इतने दिन
नई दिल्ली. उरी हमले के बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब सेना और सरकार आतंकवाद से निपटने के लिए लंबी और कारगर योजना बनाने पर विचार कर रही है। सशस्त्र बलों ने सरकार से कहा है कि लगातार 180 दिनों तक (6 महीनों) तक अभियान चलाने पर ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को ठीक-ठाक तरीके से तबाह किया जा सकता है।

सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लाइन ऑफ कंट्रोल के उस पार सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों ने सरकार से कहा है कि कभी-कभार के हमलों से आतंकवादियों की कमर नहीं टूटेगी और अगर कुछ ठोस करना है, तो मीडियम टर्म के लिए एक योजना तैयार करनी होगी। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ रणनीतिकारों ने सरकार से यह भी कहा है कि कश्मीर में मुश्किल हालातों और देश के दूसरे हिस्सों में आतंकवादी हमलों की आशंका के लिए तैयार रहना होगा। रविवार को बारामुला में सीमा सुरक्षा बल-आर्मी कैंप पर आतंकवादी हमला हुआ था।

आर्मी के एक उच्च अधिकारी ने कहा, 'हमें लगातार अभियान चलाने पर गौर करना होगा। आतंकी नेटवर्क बैकफुट पर तो है, लेकिन उसे गंभीर चोट पहुंचाने के लिए हमें मीडियम टर्म योजना तैयार करनी होगी, यानी कम से कम 6 महीने तक अभियान चलाने की जरूरत होगी। इक्का-दुक्का वार करने से आतंकवादियों पर असर नहीं होगा।'

वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों के सरगना भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने के लिए आने वाले हफ्तों में और आतंकवादियों को भेजने की कोशिश करेंगे। ऐसे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीरी हिस्से में इनके और ठिकाने बन सकते हैं। सेना का मानना है कि इन ठिकानों को नष्ट करना होगा। सैन्य अधिकारियों ने सरकार के आगे साफ किया है कि नियंत्रण रेखा के पार इस तरह के हमले करने के लिए कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाने की भी जरूरत होगी। उनका कहना है कि सीमा पर चौकसी बढ़ाने के साथ ही घाटी में लोगों का भरोसा जीतना होगा।

एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन अधिकारियों का कहना है कि घाटी में आतंकवादियों का साथ देने वाले गुटों का हौसला कमजोर पड़ा है और उन पर कार्रवाई करने का यह अच्छा मौका है। एक टॉप सैन्य अधिकारी ने कहा, 'हमारे पास अभी मौका है। नियंत्रण रेखा पर हमारी पकड़ उस पार के लोगों के मुकाबले अच्छी है। हमारे पास यही मौका है कि हम ऐसा अंतर पैदा कर दें, जिससे सीमापार आतंकवाद का साथ देने वाले डर जाएं।'

भारतीय सेना और खुफिया विभाग से जुड़े लोगों का मानना है कि पीओके में 40 से ज्यादा आंतकी शिविर हैं। ये शिविर भीतरी इलाकों में बने हुए हैं। इनके अलावा एलओसी के पास करीब 50 लॉन्च पैड्स हैं, जिनमें 200 से ज्यादा आतंकवादी छिपे हुए हैं। इनको पाकिस्तानी सेना सुरक्षा देती है।

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