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अर्जन सिंह के जीवन से जुड़ी ये 7 बातें कोई नहीं जनता

अर्जन सिंह का जन्म 15 अप्रैल 1919 को हुआ था।

अर्जन सिंह के जीवन से जुड़ी ये 7 बातें कोई नहीं जनता

1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व वायु सेना प्रमुख अर्जन सिंह की हालात नाजुक है। अर्जन सिंह को शनिवार सुबह आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण उनसे मिलने अस्पताल पहुंची। मार्शल अर्जन सिंह का जीवन कई उतार-चढाव से गुजरा, लेकिन अर्जन सिंह के जीवन से जुड़ी ख़ास बाते हैं जिन्हें सभी को जानना चाहिए...

  • भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह का जन्म 15 अप्रैल 1919 को पंजाब के शहर लयालपुर, ब्रिटिश भारत अब फैसलाबाद, पाकिस्तान में हुआ था। जून 2008 में फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की मृत्यु के बाद वे पांच सितारा रैंक वाले अकेले भारतीय सैन्य अधिकारी रहे।
  • सैन्य परिवार जन्में अर्जन सिंह मांटगोमरी से स्कूलिंग करने के बाद 1938 में आरएएफ कॉलेज क्रैनवेल में प्रवेश किया और दिसंबर 1939 में अर्जन सिंह को एक पायलट अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया।
  • 1944 में अर्जन सिंह ने भारतीय वायुसेना की नंबर 1 स्क्वाड्रन का अराकन अभियान के दौरान नेतृत्व किया। जिसके लिए उन्हें प्रतिष्ठित फ्लाइंग क्रॉस (डीएफसी) से सम्मानित किया गया।
  • अर्जन सिंह ने 1945 में भारतीय वायुसेना की प्रथम प्रदर्शन उड़ान की कमान संभाली। 1 अगस्त 1964 से 15 जुलाई 1969 तक अर्जन सिंह वायु सेनाध्यक्ष रहे, 1965 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
  • 1965 के युद्ध में अतुलनीय योगदान के लिए अर्जन सिंह को सेनाध्यक्ष के पद से पद्दोन्नत कर एयर चीफ मार्शल बनाया गया। वे भारतीय वायु सेना के पहले एयर चीफ मार्शल थे।
  • अर्जन सिंह ने 1969 में 50 साल की उम्र में अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्ति ली। जिसके बाद 1971 में अर्जन सिंह को स्विट्जरलैंड में भारतीय राजदूत नियुक्त किया गया।
  • 15 अप्रैल 2016 को मार्शल के 97 वें जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए, तत्कालीन चीफ ऑफ एअर स्टाफ एयर चीफ मार्शल अरुप राहा ने घोषणा की थी कि पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में भारतीय वायु सेना का नाम अर्जन सिंह के नाम पर होगा।
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