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बुध्दिजीवियों ने PM मोदी से खत लिख की अपील रोहिंग्या मुद्दे पर वैश्विक ताकत के तौर भारत को करें पेश

मोदी को सलाह देने की कोशिश, रोहिंग्या मुद्दे पर चुप न बैठे भारत, अपनी ताकत का प्रयोग कर सुलझाए मुद्दे को।

बुध्दिजीवियों ने PM मोदी से खत लिख की अपील रोहिंग्या मुद्दे पर वैश्विक ताकत के तौर भारत को करें पेश

देश के बुद्धिजीवियों ने PM मोदी को रोहिंग्या के मुद्दे पर वैश्विक ताकत के तौर पर अपने आपको पेश करने की अपील की है और कहा कि मोदी को शांत न रह कर रोहिंग्या मुद्दे पर अपनी ताकत का एहसास कराना जरूरी है क्योंकि भारत की ताकत को दुनिया के तमाम देशों ने स्वीकार किया हैं।

देश के बुद्धिजीवियों और प्रसिध्द लोगों ने खत PM को लिखकर कहा है कि हमें इस मुद्दे पर दुनिया के सामने ये दिखाना चाहिए कि भारत वैश्विक ताकत में विश्वास रखता हैं और साथ ही कहा हैं कि देश में म्यामार से आए 40 हजार रोहिंग्या को मानवता के आधार देश में शरण दी जाए, न कि उन्हें म्यामार की आग में जलने के लिए वापिस भेजा जाए।

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इस खुले खत में म्यांमार में रोहिंग्या के खिलाफ हो रही हिंसा और अत्याचारों का हवाला देते हुए पीएम मोदी से अपील की गई है, कि उन्हें भारत में रहने दिया जाए।

इस खत पर मशहूर वकील प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, सांसद शशि थरूर, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, ऐक्टिविस्ट तीस्ता शीतलवाड़, पत्रकार करन थापर, सागरिका घोष, अभिनेत्री स्वरा भास्कर समेत कुल 51 मशहूर हस्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं।

इसमें राय साझा कि गयी है, म्यांमार के रखाइन प्रांत में अमानवीय घटनाएं हो रही हैं। हमारे पड़ोस के देश बांग्लादेश में करीब 400,000 शरणार्थियों की समस्याओं से जूझ रहा है।

हम भारत सरकार के ऑपरेशन इंसानियत के तहत बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए मदद भेजने के कदम का स्वागत करते हैं और कहा कि ये भारत सरकार का कदम सराहनीय हैं इस तरह के काम एक देश को इंसानियत के नाते करते रहने चाहिए।

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इस खत में भारत के संविधान का का हवाला दिया गया हैं और कहा है कि भारत का संविधान भी अनुच्छेद-21 में दिए गए जीवन जीने का अधिकार केवल नागरिकों को नहीं बल्कि हर व्यक्ति को प्रदान किया गया है इसलिए भारत सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है कि वह रोहिंग्या शरणार्थियों की रक्षा करे।

बता दें कि भारत सरकार का रोहिंग्या के देश में प्रवेश पर ये मानना हैं कि इनके देश में आने से आंतकवाद को बढावा मिलेगा क्योंकि रोहिंग्या ISIS जैसे खुंखार आंतकवादी संगठन से जुडें रहने के सबूत मिले थे।

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