Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

मायावती दलित हितैषी नहीं, अखिलेश पहले घर संभालेंः शाह

धम्म चेतना यात्रा में ''नकली दलित'' हुए शामिल: मायावती

मायावती दलित हितैषी नहीं, अखिलेश पहले घर संभालेंः शाह
कानपुर. बसपा सुप्रीमो मायावती को दलित हितैषी नहीं बल्कि दलितों के नाम पर अपना धन बढ़ाने वाली बताते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि दलितों का कल्याण मायावती नहीं बल्कि सिर्फ भाजपा कर सकती है। सपा की चुटकी लेते हुए शाह ने कहा कि यूपी के सीएम अखिलेश यादव से अपना कुनबा तो संभल नहीं रहा, वह प्रदेश क्या संभालेंगे।
अमित शाह ने शुक्रवार को कानपुर के ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क में धम्म चेतना यात्रा के समापन पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के सम्मान में जितना काम भाजपा सरकार ने किया, उतना अन्य किसी ने नहीं। फिर चाहे वह अंबेडकर की जन्मभूमि का उद्धार करना हो, उनको भारतरत्न सम्मान देना हो, उनपर डाक टिकट, सिक्का जारी करना हो, बाबा साहेब और उनके अनुयायियों की भावनाओं पर सिर्फ भाजपा ने ध्यान दिया है। यदि भाजपा यूपी में अगली सरकार बनाती है तो सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर दलितों को उनका हक दिलाएगी।
भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थल सारनाथ वाराणसी से 24 अप्रैल 2016 को भदंत डॉ. धम्म वीरियो जी के नेतृत्व में चली यह धम्म चेतना यात्रा शुक्रवार को कानपुर में संपन्न हुई। यात्रा समापन में सैकड़ों बौद्ध भिक्षु शामिल हुए। शाह ने कहा कि जब काशीराम, मायावती ने बसपा की स्थापना की थी तब डॉ. धम्म वीरियो ने मायावती को आाशीर्वाद दिया था, इसलिए उनकी सरकार बनी। लेकिन उन्हें आशीर्वाद देने वाले भिक्षु अब दुखी हैं, क्योंकि मायावती ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के सपनों को पूरा नहीं किया।
उन्होंने कहा कि यूपी में बसपा की सरकार बनने पर आशा की गई थी कि वह दलितों और पिछड़ों का कल्याण करेंगी, भगवान बुद्ध और अंबेडकर के विचारों तथा सपनों को साकार करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मायावती की संपत्ति दिनों-दिन बढ़ती गई, लेकिन दलित पिछड़ा और भदंत वहीं का वहीं रह गया। मायावती को आशीर्वाद देकर उनकी सरकार बनवाने वाले भदंत अब भाजपा का सर्मथन कर रहे हैं। उन्हें ज्ञात है कि भाजपा की सरकार बनने पर दलित, पिछड़ा, भदंत सबका कल्याण होगा।
अंबेडकर के आदर्शों पर नहीं हैं माया
अमित शाह ने कहा कि बहन मायावती अंबेडकर के आदशरें पर चलने की बात कहती हैं लेकिन उन्होंने 10 साल तक केन्द्र की कांग्रेस नीत संप्रग सरकार को सर्मथन दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जिस राज्य में सरकार बनायी वहां बाबा साहेब को पूरा सम्मान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर के जन्मस्थल महू, लंदन, वड़ोदरा, नागपुर दिल्ली हर जगह भाजपा ने ही काम करवाया, कांग्रेस या बसपा ने कुछ नहीं किया। प्रदेश में सपा की सरकार ने दलितों को प्रताड़ित किया बसपा ने उनका शोषण किया। यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार आई तो सबका साथ सबका विकास के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन के तहत दलित, पिछड़ा सहित सबका कल्याण किया जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री ने कई योजनाएं भी शुरू की हैं।
शाह ने प्रदेश की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फरवरी में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन अखिलेश यादव से कानून व्यवस्था संभल नहीं पा रही। अखिलेश पहले अपने कुनबे की कानून व्यवस्था सुधार लें, जो उनसे संभल नहीं पा रही है बाद में प्रदेश की काननू व्यवस्था भी देख लें। उनसे घर के झगड़े निपटते नहीं हैं उत्तर प्रदेश की समस्याओं को कैसे हल करेंगे।
उन्होंने कहा, मायावती कहती हैं कि वह सत्ता में आयीं तो कानून-व्यवस्था सुधरेगी, हम कह रहे हैं कि अपनी संपत्ति घोषित करें दलित समझ जाएंगे कि उनका कितना कल्याण हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी की योजनाओं के केन्द्र में हमेशा दलित और गरीब ही हैं। जनधन, बीमा योजना, उज्जवला योजना सब गरीबों के लिए ही है। शाह ने कहा कि प्रदेश में परिवर्तन धम्म यात्रा आज समाप्त नहीं हो रही है, यह चुनाव तक जारी रहेगी।
इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने भी जनसभा को संबोधित किया। जनसभा में ऑल इंडिया भिक्षु संघ के लोक संघ नायक डॉ. धम्म वीरियो के अलावा केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति, सांसद देवेंद्र सिंह भोले सहित भाजपा के बहुत से वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
धम्म चेतना यात्रा में 'नकली दलित' हुए शामिल: माया
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की 'धम्म चेतना यात्रा' को पूरी तरह विफल बताते हुए शुक्रवार को कहा कि इस यात्रा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों को बौद्ध भिक्षु बनाकर शामिल किया गया। मायावती ने कहा कि भाजपा धर्म को राजनीतिक और चुनावी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रही है। प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र इस पार्टी द्वारा निकाली गई धम्म चेतना यात्रा कुछ प्रायोजित बौद्घ भिक्षुओं के जरिए निकलवाई गई है।
उन्होंने कहा कि कानपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा किए धम्म चेतना यात्रा के समापन संबंधी समारोह में दलित वर्ग के लोग शामिल नहीं हुए, बल्कि भाजपा और संघ के ज्यादातर लोगों को ही 'नकली दलित' बनाकर शामिल कराया गया। साथ ही, जिन बौद्घ भिक्षुओं को सम्मानित करने की बात की गई है, उनमें से भी ज्यादातर इन्हीं संगठनों के बहुरूपिए शामिल हैं।
बसपा प्रमुख ने कहा कि धम्म चेतना यात्रा ठीक वैसी ही है जैसी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दशहरा के मौके पर लखनऊ में रामलीला में शामिल होकर धर्म की आड़ में राजनीति करने की कोशिश की थी ताकि वह उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी की ख्स्ताहाल स्थिति को थोड़ा सहारा दे सकें।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top