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कालाधन रखने वाले ही मचा रहे हैं ''हाय-तौबा'': अमित शाह

शाह ने कहा कि हमारी सरकार रिफॉर्म में नहीं ट्रांसफॉर्म में विश्वास करती है।

कालाधन रखने वाले ही मचा रहे हैं
नई दिल्ली. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में ‘यूपी के मन की बात’ में कहा कि नोटबंदी को लेकर काला धन रखने वाले ही ज्यादा हाय तौबा मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवर्तन शुरू हो चुका है। इसकी सुगबुगाहट पूरे देश में दिखाई दे रही है। सरकार के नोटबंदी के फैसले से काला धन पर अंकुश लगाया जाएगा। आने वाले वक्त में और कड़े कानून भी लागू किए जाएंगे। लोगों को जो तकलीफ हो रही है, उससे हम वाकिफ हैं और इसे बेहद संवेदना से देख रहे हैं। कुछ दिन में व्यवस्था पूरी तरह सही हो जाएगी।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत को दुनिया की प्रथम पंक्ति का देश बनाना है। हम ऐसा भारत बनाना चाहते हैं,जिसकी सेना सबसे आधुनिक और ताकतवर हो। नोटबंदी को लेकर चल रही बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि काला धन रखने वाले ही सबसे ज्यादा हाय-तौबा मचा रहे हैं। जिन लोगों ने सरकार की बात नहीं मानी और काला धन घोषित नहीं किया, अब उनकी हालत खराब है। सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे युवा यूपी के हैं। वह देश की आकांक्षा के प्रतीक बने है लेकिन जितना विकास यहां होना चाहिए नहीं हुआ है। जिस विकास में गरीबों का समावेश नहीं हो सके, उस विकास का कोई मतलब नहीं है। यूपी में यही स्थिति है। हमारी सरकार रिफॉर्म में नहीं ट्रांसफॉर्म में विश्वास करती है। हमारे लोकतंत्र की जड़े मजबूत हैं। देश कैसा हो यह आपको तय करना है।
अमित शाह ने कहा कि पूरा लोकतंत्र जातिवाद और परिवारवाद से ग्रसित हैं। ज्यादातर पार्टियां परिवार की पार्टियां हो गई हैं। उनमें बेटा पैदा होते ही नेता तय हो जाता है। जातिवाद और परिवारवाद ने राजनीति में परफॉर्मेंस और जवाबदेही को कम किया है। मैं मानता हूँ जब तक यूपी में विकास नहीं होगा देश का विकास नहीं हो सकता। शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी आधारभूत जरूरतों को जमीन तक पहुंचाने का काम राज्य सरकार का होता है। हम एक ऐसा भारत बनाना चाहते है, जहाँ हर गाँव में 24 घंटे बिजली हो।
शाह ने कहा कि देश में होने वाले सभी परिवर्तन युवाओं ने किए हैं। गुजरात से जब मैं यहां आया तो मुझे पता चला कि मैंने गरीबी देखी ही नहीं थी। यूपी के कई जिलों में देखा कि गरीबी क्या होती है। यूपी में जातिवाद खत्म हो चुका है। इसका सुबूत 2014 के लोकसभा चुनाव में मिल चुके हैं। अब विधानसभा में दोहराना है। एक बार फिर यूपी ऐसे लोगों को जवाब देगा। देश में कोई नहीं कह सकता कि भाजपा जातिवादी पार्टी है। युवाओं के साथ 'यूपी के मन की बात' कर रहे है। जिंदगीभर नौकरी करने से बेहतर पांच साल स्टार्टअप में लगाना फायदेमंद है। लेकिन नौकरियों को भी बढ़ाना होगा।
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