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H-1-B वीजा: विरोध में आया अमेरिकी भारतीय संगठन, अमेरिकी चैंबर ऑफ कॅामर्स ने बताई ये वजह

अमेरिका के द्वारा जारी किये जाने वाले एच-1-बी वीजा को लेकर नियमों में काफी सख्ती बरती गई है। जिसका विरोध अब अमेरिकी चैंबर ऑफ कॅामर्स कर रहा है।

H-1-B वीजा: विरोध में आया अमेरिकी भारतीय संगठन, अमेरिकी चैंबर ऑफ कॅामर्स ने बताई ये वजह

अमेरिका के द्वारा जारी किये जाने वाले एच-1-बी वीजा को लेकर नियमों में काफी सख्ती बरती गई है। जिसका विरोध अब अमेरिकी चैंबर ऑफ कॅामर्स कर रहा है।

अमेरिकी चैंबर ऑफ कॅामर्स ने अपने एक बयान में कहा है कि अमेरिका में स्थायी निवास के लिए आवेदन करने और वहां जो वर्षों से काम कर रहें हैं उनके उच्च कौशल वाले व्यक्ति से यह कहना खराब नीति होगी कि अब उनका आदर नहीं होगा"।
बता दें कि एच-1-बी वीजा आई टी क्षेत्र में कुशल कामगारों को अमेरिका लाने कि लिये बनाया गया था जिसे भारतीय आई टी कंपनियां भी प्रमुख रूप से प्राप्त करती हैं।
पिछले महीने ही अमेरिका की न्यूज एजेंसी मैक्लेटची के डीसी ब्यूरो ने एक रिपोर्ट पेश की थी जिसके मुताबिक अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग नये नियमों पर विचार कर रहा है जिसमे एच-1-बी वीजा बढ़ाने पर रोक होगी। इससे अमेरिका में काम करने वाले लाखों विदेशियों का ग्रीन कार्ड लंबित होने पर एच-1-बी रूक जायेगा।
अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस कदम का विरोध करते कहा है कि इस नीति से अमेरिकी कारोबार, हमारी अर्थव्यवस्था और देश को नुकसान पहुंचेगा। इसके साथ ही यह कदम अधिक प्रतिभा के आधार पर आव्रजन प्रणाली के लक्ष्यों के लिए भी अच्छा साबित नहीं होगा"।
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि अमेरिका में नौकरी करने का मौका सबसे पहले अमेरिकी कामगारों का मिलना चाहिए क्योंकि सस्ते विदेशी कामगारों को लेने से इस वीजा का बहुत दुरुपयोग हुआ है।
ट्रंप ने अपने आदेश मे कहा कि एच-1-बी वीजा में इस तरह से सुधार किया जाये कि वह अत्यंत कुशल या उच्चतम तनख्वाह वाले आवेदक को दिया जा सके। वर्तमान में यह वीजा लॅाटरी के द्वारा जारी किया जाता है जिसमें उम्मीदवार की कुशलता का पता नहीं चल पाता साथ ही इससे वेतन पर भी दबाव बनता है
गौरतलब है कि ट्रंप ने अमेरिका का राष्ट्रपति बनने से पहले एच-1-बी वीजा का समर्थन किया था लेकिन बाद में वो इसके विरोध में ही नजर आये।
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