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टूट की कगार पर अमेरिका और रूस का रिश्ता, ट्रंप प्रशासन ने रूसी राजनायिकों को दिया बड़ा आदेश

अमेरिका ने रूसी राजनायिको पर जासूसी करने का आरोप लगाते हुए देश छोड़ कर चले जाने का आदेश सुनाया है। बता दें कि अमेरिका ने यह कार्रवाई रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की 60 अमेरिकी राजदूतों के निष्कासन की घोषणा के बाद की है।

टूट की कगार पर अमेरिका और रूस का रिश्ता, ट्रंप प्रशासन ने रूसी राजनायिकों को दिया बड़ा आदेश
मास्को और पश्चिमी देशों के बीच चल रहे राजनयिक संकट के बीच रूस और अमेरिका के राजनयिक अपने-अपने सामान बांधकर अपने-अपने देश रवाना होने की तैयारी में हैं। दरअसल, ब्रिटेन की जमीन पर रूस के पूर्व जासूस पर हुए नर्व एजेंट हमले के बाद इन बड़ी महाशक्तियों के बीच राजनयिक संकट उत्पन्न हो गया है।
करीब 50 पुरुष, महिलाएं और बच्चे वाशिंगटन में रूस के दूतावास को छोड़कर एक बस में निकले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ये सभी डलेस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की तरफ जा रहे हैं।
कुल 171 लोग-जिनमें से 60 रूसी दूत हैं जिनपर वाशिंगटन ने जासूस होने का आरोप लगाया है, ये अपने परिवार के साथ रूसी सरकार द्वारा मुहैया कराए गए दो विमानों से अपने देश रवाना हो जाएंगे। ये विमान थोड़ी देर के लिए न्यूयॉर्क में रूकेंगे।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की 60 अमेरिकी राजदूतों के निष्कासन की घोषणा के बाद से सेंट पीट्सबर्ग में भी अमेरिकी दूतावास के पास ट्रकों की आवाजाही चल रही है और दूतावास पर अमेरिकी ध्वज झुका हुआ है।
इंटरफैक्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि दूतावास के कर्मचारियों को यहां से जाने के लिए रात के 10 बजे तक का समय दिया गया है। वहीं यहां रहनेवाले लोगों को अप्रैल के अंत तक का समय, जगह खाली करने के लिए दिया गया है।
यह जैसे को तैसा वाली कार्रवाई रूस द्वारा ब्रिटेन से अपने राजनियकों की संख्या में कमी करने की मांग के बाद हुई है। दरअसल रूस के एक पूर्व जासूस पर ब्रिटेन की जमीन पर नर्व एजेंट हमले के बाद पश्चिम और रूस में राजनयिक संकट गहरा गया है।
हाल के वर्षों में रूस और पश्चिम के बीच राजनयिकों का यह सबसे बड़ा निष्कासन है और दोनों के बीच शीत युद्ध के बाद संबंधों में हुई सबसे बड़ी गिरावट है। (इनपुट भाषा)
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