Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

अमेरिका-ब्रिटेन-फ्रांस ने सीरिया पर दागी 100 से ज्यादा रासायनिक मिसाइलें, बचाव में आए रूस-ईरान-तुर्की

सीरिया पर 100 से ज्यादा मिसाइलें दागने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान और रूस से मैं पूछता हूं कि वह देश किस तरह का है जो निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार से जुड़ना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि आज ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने क्रूरता और नृशंसता के खिलाफ अपने उचित अधिकारों का इस्तेमाल किया।

अमेरिका-ब्रिटेन-फ्रांस ने सीरिया पर दागी 100 से ज्यादा रासायनिक मिसाइलें, बचाव में आए रूस-ईरान-तुर्की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज घोषणा की कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया में 'बशर अल असद' की सरकार के खिलाफ सैन्य हमले शुरू किए। ट्रंप ने युद्धग्रस्त देश पर अपने ही लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि संयुक्त कार्रवाई का मकसद रासायनिक हथियारों के उत्पादन, प्रसार और इस्तेमाल के खिलाफ मजबूत प्रतिरोधक तंत्र स्थापित करना है।

वहीं सीरिया की 'बशर अल असद' सरकार ने अमेरिका पर 100 से ज्यादा रासायनिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाया, जिसके बाद सीरिया के समर्थन में रूस, ईरान और तुर्की आ गए हैं। सीरिया के सहयोगी देश रूस ने संदिग्ध रासायनिक हमले के जवाब में 'बशर अल असद' सरकार के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले हमलों के बाद 'परिणाम' भुगतने की चेतावनी दी है।

इसे भी पढ़ें: ट्रंप के हमले की घोषणा के बाद विस्फोटों से दहल उठी सीरियाई राजधानी, सीरिया ने किया विरोध

अमेरिका में रूस के राजदूत एनातोली एंतोनोव ने एक बयान में कहा कि एक बार फिर हमें धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम आगाह करते हैं कि ऐसी कार्रवाई को बिना परिणाम भुगते नहीं छोड़ा जाएगा। इसकी सारी जिम्मेदारी अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस पर है। रूस के राष्ट्रपति का अपमान करना अस्वीकार्य और अमान्य है।

इस बीच मॉस्को में रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने फेसबुक पर लिखा कि इन सबके पीछे जिम्मेदार लोग दुनिया में नैतिक नेतृत्व का दावा करते हैं और यह ऐलान करते हैं कि वे कुछ अलग हैं। आपको उस समय सीरिया की राजधानी पर हमले करने के लिए वास्तव में अलग होने की जरुरत है जब उसके पास शांतिपूर्ण भविष्य का मौका था।

इसे भी पढ़ें: कुलभूषण जाधव केस: विदेश मंत्रालय ने कहा- 'आगे के कदम' के बारे में फैसला आईसीजे करेगी

गौरतलब है कि सीरियाई सरकारी मीडिया ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की ओर से किए गए हमलों को गैरकानूनी करार देते हुए कहा कि ये निश्चित रूप से असफल होंगे। अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने आज संयुक्त रूप से दमिश्क सरकार के कथित रासायनिक हमलों के खिलाफ अभियान शुरू किया है।

अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के सीरियाई रासायनिक हथियारों की क्षमताओं को निशाना बनाने की घोषणा के बाद आज सुबह दमिश्क के आसपास विस्फोटों की तेज आवाजें सुनी गईं थीं। राजधानी के उत्तरी और पूर्वी इलाकों से धुआं भी निकलता देखा गया।

इसे भी पढ़ेंः अमेरिका ने फ्रांस और ब्रिटेन के साथ मिलकर किया सीरिया पर हमला, ट्रंप ने किया युद्ध का ऐलान

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सीरिया के खिलाफ ‘‘सटीक हमलों' के आदेश दिए है। सीरिया के डूमा में पिछले सप्ताहांत संदिग्ध जहरीली गैस हमले में कई लोग मारे गए थे। ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि यह किसी व्यक्ति की कार्रवाई नहीं है, यह एक दानव के अपराध हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका, सीरिया पर तब तक दबाव बनाए रखेगा जब तक असद सरकार रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल बंद नहीं कर देती। उन्होंने सीरियाई सरकार के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस का आभार जताया।

ट्रंप ने कहा कि आज ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने क्रूरता और नृशंसता के खिलाफ अपने उचित अधिकारों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि ईरान और रूस से मैं पूछता हूं कि वह देश किस तरह का है जो निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार से जुड़ना चाहता है।

Next Story
Top