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अमरनाथ में मंत्रोच्चार और घंटी बजाने पर रोक, श्रद्धालू नाराज, NGT ने दी ये सफाई

एनजीटी ने कहा, अमरनाथ में ध्वनि के कारण लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है।

अमरनाथ में मंत्रोच्चार और घंटी बजाने पर रोक, श्रद्धालू नाराज, NGT ने दी ये सफाई

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने अमरनाथ मंदिर में जयकारा लगाने, मंत्रोच्चार और घंटा बजाने पर रोक लगा दी है। बुधवार को चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एनजीटी की बैंच ने कहा कि गुफा के अंदर मंदिर में घंटियां नहीं बजाई जानी चाहिए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को आखिरी चेकपोस्ट पर अपना मोबाइल फोन और सामान जमा कराना होगा।

ट्रिब्यूनल ने श्राइन बोर्ड से कहा कि एक अलग कमरा बनाने के बारे में विचार किया जाए, जहां लोग अपना सामान रख सकें। इसके साथ ही एनजीटी ने कहा कि मंत्रोच्चार नहीं किया चाहिए और जयकारा लगाने पर भी रोक लगा दी। बोर्ड से एनजीटी ने कहा कि इन आदेशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। साथ ही ट्रिब्यूनल ने कहा कि आखिरी चेकपोस्ट से गुफा तक लोगों की केवल एक ही लाइन होनी चाहिए।

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एनजीटी ने दी ये सफाई-

एनजीटी ने इस मामले में कहा कि हमने अमरनाथ मंदिर को साइलेंट जोन नहीं कहा है। पाबंदी सिर्फ इसलिए लगाई गई है ताकि श्रद्धालू शिवलिंग के सामने शांति बनाए रखें। इसके अलावा मंदिर के किसी भी भाग के लिए ये आदेश नहीं है। सिर्फ लाइन लगाने के नियम का पालन करना आवश्यक है।
एनजीटी ने कहा कि ये आदेश मंदिर में पवित्रता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। साथ ही शिवलिंग पर शोर का कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े इस वजह से भी ये निर्देश दिए गए हैं। आरती और अन्य अनुष्ठानों के लिए ये नियम लागू नहीं है।
क्यों लगाई रोक
एनजीटी ने अमरनाथ को साइलेंस जोन घोषित करने का आदेश दिया है। एनजीटी ने कहा, अमरनाथ में ध्वनि के कारण लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील होने और इलाके में ग्लेशियरों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यहां शोर-शराबा नहीं होना चाहिए और यात्रियों की संख्या भी सीमित होनी चाहिए।
एनजीटी चला रहा एंटी-हिंदू एजेंडा
इस पूरे मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा ने इसे एंटी-हिंदू एजेंडा करार दिया है। भाजपा के दिल्ली प्रदेश के प्रवक्ता तेजिंदर पाल बग्गा ने कहा, जिस तरह से एनजीटी के बयान हिंदुओं के खिलाफ आते हैं, हम उसके विरोध में हैं। अब अमरनाथ यात्रा को लेकर कहा गया है कि आप वहां जयकारे नहीं लगा सकते हैं, आप वहां मंत्रोच्चार नहीं कर सकते हैं।
माता वैष्णादेवी पर ऐसा फरमान
गौरतलब है कि इससे पहले एनजीटी ने आदेश जारी करते हुए माता वैष्णो देवी में एक दिन में सिर्फ 50 हजार यात्री ही दर्शन करने के निर्देश दिए थे। एनजीटी के आदेश के खिलाफ वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने उच्चतम न्यालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर रोक लगा दी थी।
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