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MHRD का बड़ा फैसला, सभी छात्रों को मिलेगा IIM से पीएचडी करने का समान मौका

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) ने एक नया और अनोखा निर्णय लिया है, जिसमें न केवल बीटेक करने वाले छात्रों को भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) से अब सीधे पीएचडी करने का मौका मिलेगा।

MHRD का बड़ा फैसला, सभी छात्रों को मिलेगा IIM से पीएचडी करने का समान मौका

उच्च-शिक्षण संस्थानों में लगातार गिरते शोध कार्य के ग्राफ को दुरुस्त करने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) ने एक नया और अनोखा निर्णय लिया है, जिसमें न केवल बीटेक करने वाले छात्रों को भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) से अब सीधे पीएचडी करने का मौका मिलेगा। बल्कि इसके लिए न्यूनतम अंक पात्रता यानि सीजीपीए को 8 से घटाकर 6.5 भी कर दिया गया है।

यहां बता दें कि देश में कुल 20 आईआईएम संस्थान हैं, जिनमें आईआईएम इंदौर, रोहत्तक और रायपुर भी शामिल हैं।

सभी को समान अवसर
केंद्रीय एचआरडी मंत्रालय में उच्च-शिक्षा विभाग में सचिव आर. सुब्रमण्यम ने हरिभूमि को बताया कि यह विषय आईआईएम संस्थानों की ओर से कई बार औपचारिक और अनौपचारिक दोनों तरह से मंत्रालय के समक्ष उठाया जा रहा था।
इसी को ध्यान में रखते हुए बीते 27 दिसंबर को हमने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है और उसकी एक-एक प्रति सभी आईआईएम संस्थानों को अनुपालना के लिए भेज दी गई है।
इस फैसले से बीटेक के दौरान जरूरी पात्रता से कुछ कम परीक्षा परिणाम लाने वाले सामान्य छात्रों और बेहतर प्रदर्शन करने वाले होनहार छात्रों सभी को आईआईएम से पीएचडी करने के समान अवसर मिलेंगे। इतना ही नहीं अब उनके सामने इसके लिए किसी विषय में परास्नातक (पीजी) होना भी अनिवार्य नहीं होगा।
छात्रों की संख्या बढ़ेगी
सुब्रमण्यम ने यह भी कहा कि इस निर्णय से इंजीनियरिंग के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी से बीटेक करने वाले और शोध कार्य में गहन रूचि रखने वाले उन तमाम छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा। जिन्हें पूर्व में 8 से कम सीजीपीए होने पर पीएचडी करने का मौका नहीं मिल रहा था।
इसके अलावा आईआईएम से पीजी करने के बाद नौकरी की तलाश में संस्थान छोड़ने वाले वो छात्र भी इससे लाभांवित होंगे। जिन्हें अच्छे रोजगार के अवसर नहीं मिल सके और वो वापस उच्च-शिक्षा या शोध कार्य से जुड़ना चाहते हैं।
घटता हुआ पीएचडी का डेटा
एचआरडी मंत्रालय के ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजूकेशन 2017-18 के मुताबिक देश के उच्च-शिक्षण संस्थानों में पीएचडी को लेकर छात्रों में ज्यादा रूचि नहीं है। इसकी पुष्टि उच्च-शिक्षा के लिए दाखिला लेने वाले कुल 3 करोड़ 66 लाख 42 हजार 378 छात्रों के आंकड़े से होती है।
इसमें से 1 लाख 61 हजार 412 ही पीएचडी के लिए दाखिला कराते हैं। जबकि स्नातक करने वाले छात्रों की संख्या देश में अन्य पाठ्यक्रमों में सबसे ज्यादा है। यह आंकड़ा 2 करोड़ 90 लाख 16 हजार 350 है और परास्नातक करने वाले छात्रों का आंकड़ा 41.14 लाख है।
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