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अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए एनसीपीसीआर ने दिए निर्देश, 18 अप्रैल को देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा पर्व

बुधवार 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया के मौके पर देश में बाल विवाह की घटनाओं में इजाफा होने की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र जारी कर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करने का निर्देश दिया है।

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए एनसीपीसीआर ने दिए निर्देश, 18 अप्रैल को देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा पर्व
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बुधवार 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया 2018 के मौके पर देश में बाल विवाह की घटनाओं में इजाफा होने की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र जारी कर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करने का निर्देश दिया है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि सभी राज्यों के सचिवों से आयोग को अपेक्षा है कि इस अवसर पर बाल विवाहों के आयोजन को हत्तोसाहित करने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित करता है। इससे कम आयु में विवाह करने पर वह गैरकानूनी माना जाएगा और वह बाल विवाह के दायरे में आएगा।

आयोग की जानकारी के हिसाब से हर साल अक्षय तृतीया के अवसर पर भारत में कई राज्यों में बाल विवाह का आयोजन किया जाता है। इनमें मध्य-प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर-प्रदेश, बिहार, झारखंड, और उत्तराखंड के ग्रामीण इलाके शामिल हैं।

क्योंकि इन इलाकों में शिक्षा, जागरुकता तथा कानूनी ज्ञान की कमी के कारण इसके रोकथाम का कोई उपाय अब तक नहीं किया जा सका है।

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