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अखिलेश ने छुए शिवपाल के पैर, बोले - तलवार दी है तो चलाएंगे भी

शिवपाल ने मंच पर भावुक होते हुए कहा कि पार्टी में कुछ घुसपैठिये आ गए हैं।

अखिलेश ने छुए शिवपाल के पैर, बोले - तलवार दी है तो चलाएंगे भी
लखनऊ. यूपी के समाजवादी कुनबे में आतंरिक कलह रजत जयंती समारोह में भी सामने आई जब चाचा-भतीजा आमने-सामने हो गए। जहां भरे मंच पर अखिलेश ने चाचा शिवपाल के पैर छुए वहीं चाचा शिवपाल भतीजे को माफ करने के मुड़ में नजर नहीं आए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवपाल ने भरे मंच पर अखिलेश पर इशारों में निशाना साधा और कहा कि कुछ लोगों को सबकुछ विरासत में मिल जाता है वहीं कुछ लोग जिंदगी लगा देते हैं लेकिन कुछ नहीं मिलता। चाचा के इस वार का भतीजे ने भी जवाब दिया और इशारों में कहा कि आपने हमें तलवार दी है तो चलाएंगे भी।
तलवार भेंट की है तो चलाएंगे भी
अखिलेश ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाला चुनाव देश का भविष्‍य तय करेगा। मैं विश्‍वास दिलाता हूं कि हम सत्‍ता में लौटेंगे और सांप्रदायिक ताकतों को सफल नहीं होने देंगे। नेताजी ने यह पार्टी खून-पसीना बहाकर बनाई है, मैं उन्‍हें धन्‍यवाद करता हूं। हमने लंबा सफर तय किया है और हमें इसके आगे जाना है। यह सब साथ मिलकर हो सकेगा। पार्टी में कलह पर बोलते हुए लोहिया जी का वक्‍य दोहराते हुए कहा कि लोहिया जी बोले थे लोग सुनेंगे जरूर लेकिन मेरे मरने के बाद, मै इसे अलग तरीके से कहूंगा कि कुछ लोग सब सुनेंगे लेकिन पार्टी का सबकुछ बिगड़ने के बाद। किसी को परीक्षा देने की जरूरत नहीं है और अगर है तो मैं तैयार हूं हर परीक्षा के‍ लिए। आपने मुझे तलवार भेंट की है और कहते हो तलवार ना चलाऊं तो ऐसा नहीं हो सकता। तलवार दोगे तो चलाएंगे भी।
शिवपाल ने कहा कि पार्टी में कुछ घुसपैठिये आ गए हैं
इससे पहले शिवपाल मंच पर ही भावुक होते हुए बोले कि पार्टी में कुछ घुसपैठिये आ गए हैं। वो ऐसा माहौल पैदा करते हैं उनसे सावधान रहने की जरूरत है। कितना भी अपमान कर लोग हम उफ तक नहीं करेंगे। इस सरकार ने बहुत अच्‍छा काम किया है, हमने भी इसमें योगदान दिया है। चाहे खून मांगों तो खून दे देंगे लेकिन मुझे मुख्‍यमंत्री नहीं बनना है। संघर्ष के दिनों मे मेरा भी बहुत सहयोग रहा है, बहुत जोखिम लिए हैं। मैं ही नहीं और भी कितने लोग हैं जिन्‍होंने खतरा उठाया है। कुछ लोग जान तक दे देते हैं लेकिन उन्‍हें कुछ नहीं मिलता वहीं कुछ लोग चापलूसी करके सत्‍ता का मजा ले जाते हैं। चाहे जितना त्‍याग लेना चाहो ले लो लेकिन नेताजी का अपमान बर्दाश्‍त नहीं करेंगे।
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