Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

अरुणाचल में खुद को मजबूत कर रही है वायुसेना

वायुसेना पूर्वी क्षेत्र में अपनी क्षमताओं में तेजी से वृद्धि कर रही है।

अरुणाचल में खुद को मजबूत कर रही है वायुसेना
नई दिल्ली. उरी में हुए आतंकी हमले और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से हाई अलर्ट पर चल रही वायुसेना आक्रामक तरीके से देश के पूर्वी सेक्टर खासकर अरुणाचल प्रदेश में अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार कर रही है। ऐसा माना जाता है कि चीन की तरफ से संभावित खतरे को देखते हुए वायुसेना ने पूर्वी सेक्टर पर ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया है।

वायुसेना की पूर्वी एयर कमांड के प्रमुख हरि कुमार ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के सात अडवांस लैंडिंग ग्राउंड्स (ALGs) में से पांच ऑपरेशनल हो चुके हैं जबकि बाकी के दो इस साल के अंत तक काम करने लगेंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी वायुसेना पूर्वी क्षेत्र में अपनी क्षमताओं में भी तेजी से वृद्धि कर रही है। कुमार ने कहा, 'पूर्वी क्षेत्र में अन्य क्षेत्रों के मुकाबले इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास बहुत धीमा रहा है। हम इस क्षेत्र में अपनी क्षमताएं बढ़ाना चाहते हैं। हालांकि, यहां हम किसी अपने दुश्मन या प्रतिद्वंदी के रूप किसी खास देश को नहीं देख रहे हैं। मिग-27 और हॉक स्क्वेड्रन्स के अलावा राफेल की डील के बाद पूर्वी एयर कमांड में हमारी क्षमता बढ़ेगी।'

एनबीटी
की रिपोर्ट के मुताबिक, पाक प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद पर चिंता जताते हुए कुमार ने कहा, 'अगर आप पश्चिमी सेक्टर की तरफ देखें तो पाकिस्तान हमारी सेना की ताकत के मुकाबले नहीं टिक पाता इसीलिए उसने ऐसी अपरंपरागत लड़ाई के तरीकों को अपनी स्टेट पॉलिसी बनाया है।' उन्होंने हाल में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कहा, 'जो कुछ पश्चिम में हुआ है वह सब हमें पूर्व में करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब हम देखते हैं कि पाकिस्तान का क्या रिऐक्शन होता है।'

कुमार ने कहा कि दोनों ही देश युद्ध नहीं चाहते हैं क्योंकि युद्ध किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। लेकिन हम इस तरह किसी देश को अपने सैनिकों को मारने की इजाजत भी नहीं दे सकते।

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

Next Story
Share it
Top