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AIADMK में सियासी खींचतान, पन्नीरसेल्वम ने जयललिता की मौत के दिए जांच के आदेश

पन्नीरसेल्वम तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

AIADMK में सियासी खींचतान, पन्नीरसेल्वम ने जयललिता की मौत के दिए जांच के आदेश
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नई दिल्ली. तमिलनाडु में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही सियासी खींचतान से नया मोड़ आ गया है। ओ पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के खिलाफ जंग छेड़ दी है। इसका असर सड़कों पर दिख रहा है। पन्नीरसेल्वम के घर के बाहर जो अम्ना और चिनम्मा के पोस्टर लगे थे उनमें चिनम्मा यानी शशिकला के पोस्टर फाड़ दिए गए हैं।
*AIADMK के 130 विधायकों को बस से चेन्नई के एक 5 स्टार होटल ले जाया गया। बीती रात ओ पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के सीएम बनने का विरोध भी किया था।
*पन्नीरसेल्वम ने जयललिता की मौत की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच कमीशन की अध्यक्षता एक रिटायर्ड जज करेंगे।

*केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने तमिलनाडु के राजनीतिक हालात पर कहा है कि तमिलनाडु के राज्यपाल राज्य के राजनीतिक हालात पर नजर बनाए हुए हैं। वो हालात की हर पहलू से समीक्षा कर रहे हैं और वो सही फैसला करेंगे।

*थोड़ी देर में पन्नीरसेल्वम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, वहीं दूसरी तरफ शशिकला ने विधायकों की बैठक बुलाई है। एआइडीएमके के दफ्तर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

*इसके बाद पूर्व सीएम ने एक बड़ा खुलासा करते हुए जयललिता की सहयोगी रहीं शशिकला पर आरोप लगाया है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। इस उठापटक के बीच हरिभूमि आपको बता रहा है कैसे नगरपालिका से लेकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे ओ पन्नीरसेल्वम...

* तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और जे जयललिता के विश्वसनीय ओ पन्नीरसेल्वम तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके है। पहली बार उन्होंने ने मुख्यमंत्री पद की शपथ 2001 में तब ली थी जब आय से अधिक संपत्ति के मामले में जयललिता को जेल जाना पड़ा था। 2011 में जब बोदीनायककनूर सीट से जीत कर विधानसभा पहुंचे तब जयललिता ने उन्हें वित्तमंत्रालय की जिम्मेदारी सौपी थी। सितंबर 2014 में जब तमिलनाडु हाईकोर्ट ने जयललिता को आरोपी करार दिया तब दौबारा पनीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी।
* जयललिता के बारे में कहा जाता था की वो आसानी से किसी पर भरोसा नहीं करती थी। लेकिन पनीरसेल्वम उन चुनिंदा लीगो में से है जिन पर जयललिता आँखें बंद करके भरोसा कर सकती थी। यही कारण था की जब 2016 में उनकी तबीयत ख़राब हुई और उन्हें अस्पताल में रहना पड़ा तब मुख्यमंत्री कार्यालय का कार्यभार पनीरसेल्वम के जिम्मे था।
* ओ पनीरसेल्वम तमिलनाडु की राजनीती में बड़ा कद रखते है। 14 जनवरी 1951 को पेरियाकुलम में जन्मे पनीरसेल्वम आर्ट्स में स्नातक है। तीन बच्चों के पिता पनीरसेल्वम अपने दोस्तों के कहने पर राजनीती में आये थे। हालाँकि उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 18 साल की उम्र मे संयुक्त डीएमके के कार्यकर्ता के रूप मे की थी। 1973 मे एम जी रामचन्द्रन ने डीएमके से अलग होकर AIADMk बनाई तब पन्नीरसेल्वम भी उनके साथ थे।
* जब 2006 मे उनकी पार्टी चुनाव हार गई तब पन्नीरसेल्वम AIADMk विधायक दल के नेता चुने गए और राज्य विधानसभा मे विपक्ष के नेता भी रहे हालाँकि उनका ये कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं रहा। 64 वर्षीय पन्नीरसेल्वम की सरकर पर कठपुतली सरकार होने के आरोप भी लगे है। उनके विरोधी हमेशा ये आरोप लगते रहे है कि पन्नीरसेल्वम सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री है और सरकार का सारा काम काज जेल मे बैठी जयललिता के इशारो पर चलता है।
* हालांकि कई मौको पर ये बात देखने को भी मिली है। जब 2014 मे आय से अधिक सम्पति के मामले मे जयललिता जैल गई थी। तब एक बार फिर पन्नीरसेल्वम ने राज्य की बागडोर संभाली थी। पन्नीरसेल्वान तब शपथ लेने के बाद जैल गए थे और दंडवत प्रणाम कर के जयललिता से आशीर्वाद लिया था।
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