Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आजादी के बाद भी यहां है ''चिराग तले अंधेरा'', जानिए क्या है मामला

छत्तीसगढ़ के नया रायपुर के प्रोजेक्ट में शामिल गांव चेरिया में आजादी के बाद से आज तक यहां पक्की सड़क नहीं बन पाई। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, पीडब्ल्यूडी या अन्य किसी योजना से भी यहां तक पहुंचने के लिए रोड कनेक्टीविटी तैयार नहीं की गई।

आजादी के बाद भी यहां है चिराग तले अंधेरा, जानिए क्या है मामला
X

जिसे देशभर में फर्स्ट ग्रीन स्मार्ट सिटी के नाम से पहचान मिल रही है, यहां चौतरफा पक्की सड़कों का जाल बिछा है और आवागमन के लिए बेहतर रोड कनेक्टीविटी भी है। इस नया रायपुर के प्रोजेक्ट में शामिल एक गांव ऐसा भी है, जहां आजादी के बाद से आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई। इससे भी बड़ी विडंबना यह है कि नया रायपुर का शिलान्यास इस गांव में ही किया गया था और एनआरडीए यहां तक पक्की सड़क नहीं बनवा पाया। क्षेत्रवासी इंतजार करते-करते थक गए हैं कि जाने कब हमारे गांव तक सड़क बन पाएगी?

इसे भी पढ़ें: 20 और 30 की उम्र के प्यार में होता है जमीन-आसमान का अंतर, ये हैं FACTS

नया रायपुर से मात्र 7-8 किमी. दूरी पर बसा है ग्राम पंचायत चेरिया। यहां पंचायत विभाग की योजनाओं से गांव का मूलभूत विकास तो हो रहा है, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए एक पक्की सड़क तक नहीं बनाई जा सकी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, पीडब्ल्यूडी या अन्य किसी योजना से भी यहां तक पहुंचने के लिए रोड कनेक्टीविटी तैयार नहीं की गई। गांव तक जाने के लिए एक-दो कच्ची सड़कें हैं। वे भी बारिश के मौसम में कीचड़ से लबालब हो जाती हैं और गांव वालों का कहीं आना-जाना दूभर हो जाता है।

इसे भी पढ़ें: इस अभिनेत्री के साथ 6 साल की उम्र में हुआ रेप, कहा- मैं आज तक नहीं भूली वो जानलेवा दर्द

ग्रामवासी बताते हैं, गांव में मिडिल स्कूल तक पढ़ाई की व्यवस्था है, हाईस्कूल कुर्रू में है। बरसात के दिनों में सड़कों पर कीचड़ फैल जाता है, तब स्कूली बच्चों को दूसरे गांव जाने में बेहद परेशानी होती है। कई बार तो बच्चे इस समस्या के कारण स्कूल भी नहीं जा पाते। साथ ही अभनपुर, आरंग, रायपुर तक जाने में भी खासी दिक्कतें आती हैं। पक्की सड़क बन रही है, तो सिर्फ आईआईएम तक, हमारे गांव तक आने के लिए एक किमी. कच्ची सड़क ही एकमात्र रास्ता है।

चिराग तले अंधेरा

नया रायपुर डेवलपमेंट अथाॅरिटी ने जिन गांवों को अपने प्रोजेक्ट में लिया है, चेरिया भी उनमें शामिल है और खास यह भी है कि यहां शिलान्यास के साथ ही नया रायपुर की नीव रखी गई थी। आज वही गांव, सड़क जैसी महत्वपूर्ण जरूरत से जूझ रहा है। राजस्व विभाग ने वर्ष 2015 में चेरिया समेत 24 गांवों को नगरीय क्षेत्र घोषित किया था।

आश्वासन मिला, सड़क नहीं बनी

हमारे गांव तक पक्की सड़क बनाने के लिए कई बार एनआरडीए के अधिकारियों से चर्चा की। स्थानीय प्रशासन से भी मांग की, लेकिन आज तक सड़क नहीं बनाई गई। आईआईएम तक पहुंचने के लिए सड़क बनाई जा रही है, उसके आगे से कच्चा रास्ता है। गर्मी के दिनों में धूल और बारिश में कीचड़ से समस्या हो जाती है। पीडब्ल्यूडी मंत्री से भी एक-दो बार मिलकर गांव की परेशानी बताई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। गांव तक न जाने कब पक्की सड़क बन पाएगी? ( बल्ला तिवारी, सरपंच, चेरिया)

प्रोजेक्ट में है

नया रायपुर के प्रोजेक्ट में चेरिया ग्राम पंचायत भी है। जल्द ही वहां तक सड़क बनेगी। बेजा कब्जा, मुआवजा समेत अन्य मामले भी हैं, जिसके कारण कुछ विलंब हो सकता है। (एमडी कावरे, महाप्रबंधक (प्रशासन), एनआरडीए)

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story