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नमाज से पहले ये पढ़ते थे कलाम, 11 बातें जो दुनिया को नहीं पता

चैरिटी में देते थे सैलरी
प्रेसिडेंट बनने के बाद कलाम अपनी पूरी सैलरी और सेविंग को एक ट्रस्ट में दान कर देते थे। ग्रामीण इलाकों में काम करने के लिए उन्होंने PURA नाम का ट्रस्ट बनाया था। अपनी पूरी सैलरी को दान देने के सवाल पर उन्होंने कहा था वे अपनी सैलरी और सेविंग को अच्छे कामों में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
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