Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आधार कार्ड लिंक मामला: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, जस्टिस मिश्रा ने दिए ये बड़े संकेत

सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाकर्ताओं ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) संख्या को बैंक खातों और मोबाइल नंबर से जोड़ने को ‘‘गैरकानूनी तथा असंवैधानिक'''' बताया है।

आधार कार्ड लिंक मामला: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, जस्टिस मिश्रा ने दिए ये बड़े संकेत
X

सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ आधार को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं से अनिवार्य रूप से जोड़ने के केंद्र के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिकाओं पर कल सुनवाई करेगी।

प्रधान जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस ए एम खानविल्कर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि संविधान पीठ उन आवेदनों पर सुनवाई करने के लिए कल दोपहर दो बजे बैठेगी जिनमें आधार को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के केंद्र के फैसले के खिलाफ अंतरिम राहत की मांग की गई है।

बता दें कि केंद्र ने 7 दिसंबर को शीर्ष कोर्ट को बताया था कि विभिन्न सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं को आधार से अनिवार्य रूप से जोड़ने की समयसीमा को अगले साल 31 मार्च तक के लिए बढ़ाया जाएगा।

यह भी पढ़ें- गुजरात चुनाव 2017: हार्दिक का दिनेश बमभानिया पर करारा हमला, दिया ये धांसू जवाब

आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 27 नवंबर को कहा था कि वह विभिन्न योजनाओं को आधार से अनिवार्य रूप से जोड़ने के केंद्र के कदम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए संविधान पीठ के गठन पर विचार कर सकता है।

उसने 30 अक्तूबर को कहा था कि संविधान पीठ नवंबर के आखिरी सप्ताह से आधार योजना के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगी। हाल ही में हाई कोर्ट की 9 सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा था कि संविधान के तहत निजता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है।

आधार की वैधता को चुनौती देते हुए कई याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि यह निजता के अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस दौरान केंद्र ने 25 अक्टूबर को शीर्ष कोर्ट को बताया था कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य रूप से जोड़ने की समयसीमा उन लोगों के लिए 31 मार्च 2018 तक बढ़ा दी गई है जिनके पास 12 अंकों की विशिष्ट बायोमीट्रिक पहचान संख्या नहीं है और जो इसे बनवाने के इच्छुक हैं।

यह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस 2018: भारत में पहली बार ASEAN के दस बड़े नेता होंगे शामिल, ये है बड़ी वजह

अटॉनी जनरल ने कोर्ट को बताया था कि उन लोगों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी जिन्होंने आधार कार्ड नहीं बनवाया लेकिन वे इसे बनवाना चाहते हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा था कि ऐसे लोगों को 31 मार्च तक सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से मना नहीं किया जाएगा।

सरकार ने कोर्ट में कहा था कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड है उन्हें इसे सिम कार्ड, बैंक खाते, पैन कार्ड और अन्य योजनाओं से जुड़वाना होगा। हाई कोर्ट में कई याचिकाकर्ताओं ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) संख्या को बैंक खातों और मोबाइल नंबर से जोड़ने को ‘‘गैरकानूनी तथा असंवैधानिक' बताया है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story