Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आधार कार्ड बदनाम! यूआईडीएआई के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणि ने किया बड़ा खुलासा

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणि का कहना है कि आधार को बदनाम करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया जा रहा है।

आधार कार्ड बदनाम! यूआईडीएआई के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणि ने किया बड़ा खुलासा

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणि का कहना है कि आधार को बदनाम करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया जा रहा है। आधार डेटा लीक संबंधी एक रिपोर्ट प्रकाशित करने के बाद ‘ट्रिब्यून' अखबार के खिलाफ प्राथमिकी को लेकर किए सवाल पर उन्होंने यह बात कही।

इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन पुरस्कार से इतर नीलेकणि ने ‘ईटी नाउ' से कहा कि आधार को बदनाम करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से एक अभियान चलाया जा रहा है, और यह सौ फीसदी सच है। एक अरब से ज्यादा आधार कार्ड से जुड़ी सूचना लीक होने के संबंध में खबर लिखने वाली पत्रकार के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की। इस संबंध में यूआईडीएआई अधिकारी ने शिकायत दर्ज करवायी है।

इसे भी पढ़ें: बाराबंकी मौत मामला: रिश्तेदार के घर खाना खाने से नहीं जहरीली शराब पीने से हुई 11 लोगों की मौत

अधिकारी ने पुलिस को बताया कि खुद को खरीदार बताने वाली पत्रकार ने गुमनाम विक्रेता से व्हाटसऐप पर कोई सेवा खरीदी जिसके तहत उसे आधार संख्या तक बिना किसी प्रतिबंध के पहुंच मिल गयी। नीलेकणि ने कहा कि राई का पहाड़ बनाया जा रहा है क्योंकि आधार बहु-स्तरीय सुरक्षा के साथ निर्मित किया गया है और उस तक पहुंच इतनी आसान नहीं है।

‘ट्रिब्यून' के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आधार पर नकारात्मक विचारों के नकारात्मक परिणाम ही होंगे, लोगों के लिए बेहतर होगा कि इसे लेकर रचनात्मक विचार रखें। यूआईडीएआई के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि अगर आप सिर्फ नकारात्मक विचार रखते हैं और रचनात्मक विचार नहीं, तो उसके अन्य परिणाम (नकारात्मक) ही होंगे।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली गुटखा कारोबारी के घर IT का छापा, 20 करोड़ की नकदी समेत करोड़ों की ज्वेलरी जब्त

मुझे लगता है कि सब को यह मान लेना चाहिए कि आधार यहां बना रहेगा। उन्होंने कहा कि आधार यहां बना रहेगा है क्योंकि कम से कम 119 करोड़ लोगों में से 55 करोड़ लोगों ने अपने बैंक खातों से आधार जोड़ लिए हैं और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के तहत 95,000 करोड़ रुपए सीधे उनके खातों में डाले गए हैं।

नीलेकणि ने कहा कि उन्हें उच्चतम न्यायालय पर पूरा विश्वास था कि वह गोपनीयता के मौलिक अधिकार के तहत आधार का समर्थन करेगा क्योंकि वह कानून के तहत तर्कसंगत तरीके से बनाया गया है। सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने आधार के तहत प्राप्त सूचना का सुरक्षित रखने के लिए उन्हें दो स्तरीय सुरक्षा प्रणाली अपनाने का समर्थन किया।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top