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DRDO चेयरमैन ने बताई ''मिशन शक्ति'' की कहानी, कहा- पिछले 6 महीने से थे मिशन मोड पर

ए-सैट मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद डीआरडीओ चेयरमैन जी सतीश रेड्डी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कहा कि ए-सैट (A-SAT) मिसाइल प्रोजेक्ट दो साल पहले शुरू हुआ।

DRDO चेयरमैन ने बताई

ए-सैट मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद डीआरडीओ चेयरमैन जी सतीश रेड्डी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कहा कि ए-सैट (A-SAT) मिसाइल प्रोजेक्ट दो साल पहले शुरू हुआ, पिछले छह महीनों में मिशन मोड में चला गया तभी से लगभग 100 वैज्ञानिकों ने इसकी लांचिंग तक दिन-रात काम किया।

वे लगातार इस प्रोजेक्ट पर काम कर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को रिपोर्ट कर रहे थे और अजित डोभाल ही पीएम मोदी को इसके बारे में पूरी जानकारी दे रहे थे।

जी सतीश रेड्डी ने आगे बताया कि हमने अपने टारगेट को काइनेटिक किल यानी सीधा सैटेलाइट पर मार किया था। इसके लिए जिन टेक्नॉलोजी का इस्तेमाल किया गया वह सभी भारत में ही डेवलेप हुई थीं, जो पूरी तरह सफल साबित हुआ।

ए-सैट मिसाइल सभी 'लो अर्थ ऑर्बिट' (LEO) सैटेलाइट को लक्षित करने में सक्षम है। हमारे पास LEO सैटेलाइट को संभालने की क्षमता है, लेकिन हमने पहले लो अर्थ ऑर्बिट को टारगेट बनाने की ठानी क्योंकि हम किसी भी अन्य देश को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे।

बता दें कि अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत ने अंतरिक्ष में मार करने वाली एंटी सैटेलाइट मिसाइल का सफल प्रयोग किया है। इसकी जानकारी बुधवार को पीएम मोदी ने दी। वैज्ञानिकों ने सारे लक्ष्य हासिल किए हैं।

हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किमी दूर LEO (Low Earth Orbit) में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है। ये लाइव सैटेसाइट जो कि एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, उसे एंटी सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) द्वारा मार गिराया गया है।

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