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बिहारः 9 दिन तक अस्पताल में लगती रही नवजात की बोली

30 हजार रुपए से शुरु हुई बोली

बिहारः 9 दिन तक अस्पताल में लगती रही नवजात की बोली
गोपालगंज. बिहार के गोपालगंज जिले से इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना प्रकाश में आई है। यहां हथुआ अस्पताल में नौ दिन पहले एक मां बच्चे को जन्म देकर गायब हो गई। काफी कोशिश के बाद जब मां नहीं मिली तो हॉस्पिटल के कर्मचारी बच्चे की बोली लगाने लगे। 9 दिन तक बोली लगी, लेकिन सही खरीदार नहीं मिलने से बच्चा बिकने से बच गया। 9 दिन तक बच्चे का कोई खरीदार नहीं मिला तो उसे चाइल्ड हेल्पलाइन पहुंचाया गया। उसे बेचने की फिराक में स्टाफ बच्चे की नौ दिन तक बोली लगाता रहा।
20 अगस्त की शाम एक गर्भवती महिला अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची। वह प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। यह देख उसे अस्पताल में मौजूद एएनएम ने भर्ती कर लिया। बेटे को जन्म देने के कुछ घंटों बाद मां अपने कलेजे के टुकड़े को छोड़कर कहीं चली गई। एएनएम ने उसकी काफी खोजबीन की परंतु उसका कहीं पता नहीं चल सका। रजिस्टर में दर्ज नाम के आधार पर भी उस मां की खोज की गई परंतु वह नहीं मिल सकी। स्वास्थ्य मैनेजर फरहान रहमान ने कहा कि इसकी जानकारी उपाधीक्षक को है।
जिस दिन बच्चे ने जन्म लिया। उस दिन वह पटना मीटिंग के सिलसिले में गई थी। आई तो पता चला। इस संबंध में उपाधीक्षक विशेष जानकारी दे पाएंगी। वहीं, उपाधीक्षक डॉ. उषा किरण वर्मा ने कहा कि नवजात के देखभाल की जिम्मेदारी स्वास्थ्य मैनेजर की है।
30 हजार रुपए से शुरु हुई बोली
प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनाथ बच्चे के संबंध में चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना देने के बदले हॉस्पिटल के कुछ लोग नवजात को बेचने की फिराक में जुट गए। बच्चे की बोली की शुरुआत 30 हजार रुपए से हुई। अस्पताल की एक कर्मी बच्चे को लेकर अपने घर चली गई। उसने चार दिन बच्चे को अपने साथ ही रखा। बताते हैं कि इस दौरान उसने बच्चे की कीमत एक लाख रुपए कर दी। कई लोगों से संपर्क भी किया पर बात न बन सकी। 9 दिन तक बच्चे को कोई खरीददार नहीं मिला तो उसे चाइल्ड हेल्पलाइन पहुंचाया गया।
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