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गाजियाबादः 55 गांव को प्रशासन ने किया खुले में शौच मुक्त

कई गांव ऐसे हैं जिन्हें सर्टिफिकेट भी दे दिया गया है।

गाजियाबादः 55 गांव को प्रशासन ने किया खुले में शौच मुक्त
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नई दिल्ली. पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान जोर शोर से चल रहा है आपको बता दें कि नोटबंदी होते हुए भी गाजियाबाद के 152 गांवों में से 55 को प्रशासन ने खुले में शौच मुक्त कर दिया है। इसके अलावा 5 गांव ऐसे हैं जिन्हें सर्टिफिकेट भी दे दिया गया है। दरअसल, इस मुहिम में 97 गांव अभी शेष रह गए हैं जिनमें ओडीएफ (ओपन डेफेकेशन फ्री) यानी खुले में शौच मुक्त तेजी से चलाई जा रही है। इसके अलावा आने वाले सत्र से खुले में शौंच जाने से जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।

दरअसल, डीपीआरओ वीरेंद्र सिंह यादव ने इन गांवों से पांच से 10 लोगों को स्वच्छता चैंपियन भी बनाया गया है। उनका कहना है कि इनकी टीम की वजह से अभियान को गति दी जा रही है। पीएम के स्वच्छ भारत मिशन एक तरफ जोर शोर से चल रहा था तो वहीं नोटबंदी ने इस पर ब्रेक लगा दिया है। लोगों को पैसों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पैसों की कमी की वजह से शौचालय का काम बंद कर दिया गया है। दरअसल, लोगों के पास पैसे होते हुए भी बैंक से निकालना मुश्किल हो रहा है। इस वजह से काम बंद कर दिया गया है।

नोटबंदी की वजह से पीएम मोदी की स्वच्छता मिशन विफल होते हुए दिखाई दे रही है। नोटबंदी से पहले हर घर में शौचालय का निर्माण कार्य चल रहा था। लेकिन नोटबंदी के असर के आगे स्वच्छ भारत मिशन को लेकर चलाये जा रहे जागरूकता अभियान बेअसर साबित हो रहे हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए कई लोग जुटे हुए हैं लेकिन नोटबंदी की वजह से हर प्रयास असफल साबित हो रहा है। नोटबंदी को लेकर कहा जा रहा है कि पंचायत कब शौंच मुक्त होगी कुछ कहा नहीं जा सकता है।

दरअसल, 22 सितंबर को प्रखंड के भगवानपुर पंचायत में स्वच्छ भारत अभियान का कार्य काफी तेज थी। खबरों के मुताबिक, इन पंचायतों के खई वार्ड ऐसे हैं जो ओडीएफ भी हो गये थे लेकिन अचानक नोटबंदी की खबरें आ गई और सारा काम ठप्प हो गया।बता दें कि कई पंचायत ऐसे थे जो अपने कार्य में बिल्कुल अंतिम चरण में थे। यानी ये शौच से मुक्त होने के कगार पर थे लेकिन नोटबंदी ने सारे काम को बीच में लटका दिया। लोगों का कहना है कि फिलहाल अभी ऐसी स्थिति है कि इस ओर ध्यान नहीं दिया जा सकता। जब तक नोटबंदी का असर पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता। हालांकि नोटबंदी के बावजूद प्रशासन का कहना है कि नोटबंदी होने के बावजूद इस काम को कराया जाएगा।

इन गांवों को मिला सर्टिफिकेट-

मछरी, अफजलपुर, मोहीउद्दीनपुर हिसाली, मटियाला, सीकरीकला गांव खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। इन्हें कमिश्नर की ओर से सर्टिफिकेट भी मिल गया है। बाकी के 50 गांवों को अब उनके सर्टिफिकेट का इंतजार है। गांवों में मंडल स्तर की टीम क्रास चेकिंग कर रही है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

साभार- amarujala

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