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खुशखबरी! नए साल में होंगे ये 5 बड़े बदलाव, आम आदमी को मिलेगी राहत

जीएसटी के तहत टैक्स स्लैब को कम कर के सिर्फ 2 पर ही सीमित किया जा सकता है।

खुशखबरी! नए साल में होंगे ये 5 बड़े बदलाव, आम आदमी को मिलेगी राहत

साल 2017 टैक्स नीतियों के लिए एक अहम साल साबित हुआ है। इस साल 1 जुलाई को वस्तु एवं सेवा कर लागू किया दया, साथ ही साल का अंत आते-आते इसमें बदलाव भी किया गया जिससे की आम आदमी सहिता कारोबारियों को भी राहत मिली।

साल 2018 आम आदमी के लिए 5 तरीकों से राहत की खबर लेकर आ रहा है। आज हम आपको वही बताने जा रहे हैं कि कौन से 5 तरीकों से अगला साल आम आदमी को राहत पहुंचाएगा।
1. सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल- नए साल में पेट्रोल और डीजल सस्ते हो सकते हैं। दरअसल जीएसटी परिषद पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में अगले साल ला सकती है। इसके संकेत गुरुवार को बिहार के वित्त मंत्री सुशील मोदी ने दिए। सुशील मोदी के अनुसार अगले साल बिजली भी जीएसटी के दायरे में आ सकती है। नए साल में पेट्रोल के दाम 45 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच सकते हैं। डीजल की कीमत भी इसके आस-पास ही रहेगी।
2.सस्ता होगा घर खरीदना- इसके साथ ही रियल स्टेट को भी जीएसटी के तहत लाया जा सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक इससे न सिर्फ आम आदमी को सस्ता घर खरीदने में मदद मिलेगी, बल्कि यह कर चोरी पर भी लगाम कसने में मदद करेगा।
3. टैक्स स्लैब होंगे कम- जीएसटी के तहत टैक्स स्लैब को कम कर के सिर्फ 2 पर ही सीमित किया जा सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी परिषद की अगली में मौजूदा 5 टैक्स स्लैब को 2 में ही सीमित किया जा सकता है।इसकी जगह सिर्फ 12 और 18 फीसदी टैक्स स्लैब रखे जा सकते है।
4. ऑनलाइन होगा सारा काम- हाल ही में सरकार ने जीएसटीएन नेटवर्क पर ऑफलाइन टूल जारी किया है। इससे कारोबारी अपने पूरे कारोबार और उस पर लगने वाले जीएसटी का हिसाब-किताब आसानी से रख सकेंगे। इसके साथ ही सरकार लगातार जीएसटी रिटर्न और रिफंड भरने में इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म्स भी कम करेगी। जीएसटी रिफंड समेक अन्य प्रक्रियाओं को भी ऑनलाइन किए जाने की योजना है।
5.अर्थव्यवस्था में होगा सुधार- आईएमएफ, विश्व बैंक, मॉर्गेन स्टेनली के साथ अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं भी कह चुकी हैं कि नए साल में भारतीय अर्थव्यवस्था में काफी सुधार होगा। स्टेनली ने तो यहां तक कह दिया कि अगले वर्ष तक जीडीपी वृद्धि दर 7.5 फीसदी तक पहुंच सकता है।
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