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इन पांच कारणों से अहम है पीएम मोदी का इजराइल दौरा

केंद्रीय कैबिनेट ने 28 जून 2017 को इजराइल के साथ “नेशनल कैंपेन फॉर वाटर कंजरवेशन इन इंडिया” पर एमओयू साइन किया है।

इन पांच कारणों से अहम है पीएम मोदी का इजराइल दौरा
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज तीन दिन के इजराइल और जर्मनी के दौरे पर रवाना हुए है। नरेन्द्र मोदी इजराइल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री है।

पीएम मोदी का ये दौरा कई वजहों से महत्वपूर्ण है। मोदी ने अपनी यात्रा से एक दिन पहले सोमवार को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि वो यात्रा को लेकर काफी आशावान हैं।

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पीएम मोदी की इजराइल यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य, कृषि, जल और अंतरिक्ष तकनीक आदि मसलों पर बातचीत होने की संभावना है।

पीएम नरेंद्र मोदी की ये इजराइल यात्रा इन वजहों से अहम मानी जा रही है

1 पहले भारतीय प्रधानमंत्री-

नरेन्द्र मोदी इजराइल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री है। साल 1948 में इजराइल का गठन हुआ और 1949 में संयुक्त राष्ट्र ने उसे मान्यता दी।

इसके बाद 1950 में भारत ने भी इजराइल को स्वतंत्र देश की मान्यता दी। लेकिन आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने वहां का दौरा नहीं किया था।

2 वैश्विक राजनीति में असर --

पीएम के अमेरिकी दौरे के बाद इजराइली अखबार ने द मार्कर ने उन्हें दुनिया का सबसे अहम प्रधानमंत्री बताया था। जाहिर है कि इजराइल मोदी को वैश्विक नेता मानता है।

इजराइल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ते टकराव में भारत इजराइल के लिए मददगार साबित हो सकता है।

3 कृषि क्षेत्र में हो सकते है समझौते-

हमारे देश को आज भी कृषि प्रधान देश माना जाता है। इजराइल कृषि तकनीकी में बहुत आगे है। अगर इया मुद्दे पर इजराइल के साथ समझोता होता है तो भारत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।

4 रक्षा सहयोग-

आप को बता दें कि इजराइल रक्षा के में दुनिया के सबसे अग्रणी देशों में से एक है। भारत 2012 से 2016 के करीब 41 प्रतिशत हथियार इजराइल से ही खरीदे है।

दुनिया में अमेरिका और रूस के बाद इजराइल तीसरा ऐसा देश है जिससे भारत हथियार खरीदते है। 1962 और 1965 के चीन युद्ध और 1971 में पाक के साथ हुए युद्ध में भी इजराइल ने भारत की मदद की थी।

5 जल प्रबंधन समझोता-

जल प्रबंधन भारत के लिए बड़ी समस्या बना ह हुआ है। इजराइल के पास जलप्रबंधन की काफी विकसित तकनीकि है इसलिए इस क्षेत्र में वो भारत के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।

हमारी केंद्रीय कैबिनेट ने 28 जून 2017 को इजराइल के साथ “नेशनल कैंपेन फॉर वाटर कंजरवेशन इन इंडिया” पर एमओयू साइन किया है।

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