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मौत से पहले मां से बोली थी अपर्णा, मुझे माफ कर दो अम्मा

अपर्णा पिछले पांच सालों से भारतीय खेल प्राधिकरण के जलक्रीडा प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण ले रही थी।

मौत से पहले मां से बोली थी अपर्णा, मुझे माफ कर दो अम्मा

अलपुझा(केरल).अपनी तीन दोस्तों के साथ जहरीला फल खाकर आत्महत्या करने के प्रयास उभरती नौकायन खिलाड़ी अपर्णा की मौत हो गई। उसने दम तोड़ने से पहले अपनी मां से आत्महत्या का कदम उठाने के लिए माफी मांगी थी। माना जा रहा है कि इन लड़कियों ने यह कदम भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र (साई) में सीनियर्स द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद उठाया।

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अपर्णा की मां गीता ने बताया कि अस्पताल में अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रही अपर्णा ने उन्हें बताया था कि उसे साई हॉस्टल में सीनियर्स द्वारा शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। अपर्णा की मां गीता ने बताया कि अपर्णा ने दम तोड़ने से पहले कहा मां मुझे माफ कर दो। मैने सीनियर चेचियों द्वारा किए जाने वाले उत्पीड़न के कारण किया। क्या मैं नहीं बचूंगी।

गीता ने बताया कि उनकी बेटी का आत्महत्या का इरादा नहीं था लेकिन लगातार प्रताड़ना के बाद उसने यह बड़ा कदम उठा लिया था। क्योंकि उसके पास कोई विकल्प नहीं बचा था। मृतक अपर्णा की मां गीता ने आगे कहा कि उनकी बेटी पिछले पंद्रह अप्रैल को विशु त्यौहार के अवसर पर घर आयी थी और उसने कहा था कि सीनियर्स के साथ एक ही कमरे में रहना मुश्किल है। गीता के मुताबिक जब इस मामले की जानकारी हॉस्टल वार्डन की दी गई तो उन्होने तीन महीने के अंदर दूसरे कमरे में भेजने का वादा किया था।

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गीता ने आगे बताया इसके बाद उनकी बेटी अपर्णा ने बातचीत में इस तरह दिखाया कि जैसे हॉस्टल में सबकुछ ठीक है। जिससे कि उसके माता-पिता परेशान न हो। गीता ने कहा, लेकिन अस्पताल में जब अपर्णा अपनी जिंदगी की जंग लड़ रही थी, तब उसने मुझे सीनियर्स के बारे में सच्चाई बताई। दो सीनियर्स अपर्णा और उन अन्य लड़कियों को लगातार प्रताड़ित करते थे, जिस वजह से इन लड़कियों ने जहरीला फल खा लिया।

आपको बता दें अपर्णा पिछले पांच सालों से भारतीय खेल प्राधिकरण के जलक्रीडा प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण ले रही थी। और नौकरी करना चाहती थी जिससे वह अपने छोटे भाई को भी एक बेहतर जिंदगी दे सके। अपर्णा का भाई स्कूल में 8वी क्लास में पढ़ रहा है। और उसके पिता एक हाउसबोट में काम करते हैं और मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है। पूरे परिवार की उम्मीदें राज्य का नाम रोशन करने वाली इस नौकायन चैंपियन पर टिकी हुई थीं, जिसने राज्य का नाम रोशन किया था।

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