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GST पर मंडराया साइबर का खतरा, हैक हो सकते हैं आंकड़े!

जीएसटीएन ने रैंसमवायर के हमले की आशंका को गंभीरता से लिया है।

GST पर मंडराया साइबर का खतरा, हैक हो सकते हैं आंकड़े!

जीएसटी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी सुविधा उपलब्ध कराने वाली जीएसटी नेटवर्क हाई-टेक सुरक्षा निगरानी और विश्लेषण केंद्र स्थापित करेगा।

यह केंद्र साइबर खतरा के बारे में पूर्व चेतावनी देगा और हर महीने 300 करोड इनवायस का रखरखाव करने वाली आईटी प्रणाली के लिए खतरे की पूर्व चेतावनी देगा और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

जीएसटीएन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रकाश कुमार ने यहां कहा कि जीएसटीएन ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत आंकडों की सुरक्षा का आश्वासन देने के बाद अब वह अपने साफ्टवेयर सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाया है। इस सुरक्षा का आडिट सरकार की आईटी प्रमाणन इकाई एसटीक्यूसी ने किया है।

साइबर सुरक्षा इकाई बनेगी

प्रकाश कुमार ने कहा कि अगले महीने से जीएसटी के क्रियान्वयन के साथ जीएसटीएन ने रैंसमवायर के हमले की आशंका को गंभीरता से लिया है और साइबर सुरक्षा इकाई स्थापित करने का निर्णय किया है। हालांकि जीएसटीएन को अबतक गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी नहीं मिली है।

एसएमएसी भी काम कर रहा

कुमार ने कहा कि इंफोसिस द्वारा तैयार किया जा रहा सिक्योरिटी आपरेशन सेंटर (एसओसी) के अलावा मौजूदा सुरक्षा पर नजर रखने के लिए सिक्योरिटी मैनेजमेंट एंड एनालिटिक्स सेंटर (एसएमएसी) काम कर रहा है। जीएसटीएन एक गैर-सरकारी निजी लिमिटेड कंपनी है। इसका गठन 28 मार्च 2013 को हुआ।

सरकार की हिस्सेदारी 24.5 फीसदी

भारत सरकार की इसमें 24.5 प्रतिशत तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली समेत सभी राज्यों तथा राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति की 24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

शेष 51 प्रतिशत हिस्सेदारी गैर-सरकारी वित्तीय संस्थान एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एनएसई स्ट्रैटजिक इनवेस्टमेंट कंपनी तथा एलआईसी हाउसिंगा फाइनेंस लि. की है।

जागरुकता लाने सांसद दे समर्थन : जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक जुलाई से लागू होने वाले माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के बारे में व्यापक स्तर पर जागरुकता के लिए ससंद सदस्यों तथा विधायकों से गुरुवार को समर्थन मांगा।

विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को लिखे पत्र में जेटली ने जीएसटी को वास्तविक रुप देने के लिए उनके सहयोग और योगदान के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने संसद सदस्यों (एमपी) तथा विधानसभा सदस्यों (एमएलए) की नई कर व्यवस्था में व्यापक स्तर पर जागरुकता पैदा करने में अहम भूमिका को रेखांकित किया।

कीमतों में कमी आएगी

जेटली ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि वे नई कर व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं को समझें ताकि वे लोगों को इसे बता सकें- ।'' उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जीएसटी सबसे महत्वपूर्ण कर सुधार है।

इससे व्यापार करना उल्लेखनीय रुप से आसान होने जा रहा है और नये निवेश को बढावा मिलेगा तथा कुल मिलाकर जीडीपी में योगदान होगा।

जेटली ने कहा, ‘‘जीएसटी कर के ऊपर कर के प्रभाव को समाप्त करेगा और इससे खासकर जरुरी उपभोक्ता सामान की कीमतों में कमी आएगी जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।''

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