Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

#2GScamVerdict: जानिए 2007 से अब तक क्‍या रहा पूरा घटनाक्रम?

अगस्त 2007: दूरसंचार विभाग ने यूनिफाइड एक्सेस सर्विसेस (यूएएस) लाइसेंसों के साथ 2 जी स्पेक्ट्रम के आवंटन की प्रक्रिया आरंभ की।

#2GScamVerdict: जानिए 2007 से अब तक क्‍या रहा पूरा घटनाक्रम?
X

2जी घोटाले पर सुनवाई करते हुए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने हैरान करने वाला फैसला सुनाया है। स्पेशल कोर्ट ने कनिमोझी और ए. राजा सहित 17 लोगों लोगों को बरी कर दिया है।

कोर्ट ने तीन मामलों की सुनवाई की है, जिसमें दो सीबीआई और एक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का है।-

ये है पूरा घटनाक्रम-

मई 2007: ए राजा ने दूरसंचार मंत्री के रूप में प्रभार संभाला।

अगस्त 2007: दूरसंचार विभाग ने यूनिफाइड एक्सेस सर्विसेस लाइसेंसों के साथ 2 जी स्पेक्ट्रम के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की।

25 सितंबर, 2007: दूरसंचार मंत्रालय ने आवेदन के लिए 1 अक्टूबर, 2007 की अंतिम तिथि तय करते हुए प्रेस नोट जारी किए।

1 अक्टूबर, 2007: दूरसंचार विभाग को 46 कंपनियों के 575 आवेदन मिले।

1 नवंबर, 2007: तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने निष्पक्ष लाइसेंस आवंटन एवं प्रविष्टि शुल्क की उचित समीक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजा को लेटर लिखा।

22 नवंबर, 2007: वित्त मंत्रालय ने अपनाई गई प्रक्रिया के संबंध में चिंताएं व्यक्त करते हुए दूरसंचार विभाग को लेटर लिखा।

10 जनवरी, 2008: दूरसंचार विभाग ने ‘पहले आओ, पहले पाओ' की तर्ज पर लाइसेंस जारी करने का निर्णय लिया। आवेदन की अंतिम तारीख निर्धारित तिथि से पहले कर 25 सितंबर तय की गई।

2009: केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सीबीआई को 2 जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में अनियमितताओं के आरोपों की जांच का आदेश दिया।

21 अक्टूबर, 2009: सीबीआई ने दूरसंचार विभाग के अज्ञात अधिकारियों, अज्ञात निजी व्यक्तियों/कंपनियों और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

12 दिसंबर, 2011: सीबीआई ने तीसरा आरोपपत्र दायर किया। एस्सार ग्रुप के प्रमोटर रवि रुइया और अंशुमन रुइया, इसके निदेशक 'रणनीति एवं योजना' विकास सर्राफ, लूप टेलीकॉम की प्रमोटर किरण खेतान और उनके पति आई पी खेतान का नाम शामिल किया गया।

लूप टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड, लूप मोबाइल इंडिया लिमिटेड और एस्सार टेली होल्डिंग का नाम भी आरोपपत्र में शामिल किया गया।

2 फरवरी, 2012: उच्चतम न्यायालय ए राजा के कार्यकाल में मंजूर किए गए 122 लाइसेंस रद्द किए। चार महीनों में लाइसेंसों की नीलामी के निर्देश दिए।

4 फरवरी, 2012: विशेष अदालत ने 2जी मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सह आरोपी बनाने की स्वामी की याचिका खारिज की।

24 अगस्त, 2012: उच्चतम न्यायालय ने 2जी मामले में चिदंबरम के खिलाफ जांच की याचिका खारिज की और कहा कि प्रथमदृष्टया किसी सामग्री से यह पता नहीं चलता कि चिदंबरम को आर्थिक लाभ मिला।

25 अप्रैल, 2014: ईडी ने 2जी संबंधी धनशोधन मामले में राजा, कनीमोई और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए।

31 अक्टूबर, 2014: धनशोधन मामले में आरोप तय किए गए।

10 नवंबर, 2014: 19 दिसंबर से अंतिम जिरह।

5 दिसंबर, 2017: विशेष अदालत ने 2जी मामले में फैसला सुनाने के लिए 21 दिसंबर की तारीख तय की।

21 दिसंबर, 2017: विशेष अदालत ने सभी तीनों मामलों में राजा समेत सभी आरोपियों को बरी किया।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story