Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

गोपनीय था नोटबंदी का फैसला, देश के टॉप बैंकर्स भी रहे अनजान

टॉप बैंकर्स को नोटबंदी के बारे में 8 नवंबर को की गई घोषणा के बाद ही पता चला था।

गोपनीय था नोटबंदी का फैसला, देश के टॉप बैंकर्स भी रहे अनजान
X
मुंबई. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बंद किए गए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद के फैसले को बहुत ही गोपनीय तरीके से लिया गया था। केंद्र सरकार के इतने बड़े फैसले की भनक देश के टॉप बैंकर्स को भी नहीं थी। देश के टॉप बैंकर्स को भी नोटबंदी के बारे में 8 नवंबर की रात 8 बजे की गई घोषणा के बाद ही पता चला था।
नवंबर के पहले हफ्ते में, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआइ) के अधिकारियों ने देश के सभी टॉप बैंकों के चेयरपर्सन और एमडी को जानकारी दी थी कि 8 नवंबर को शाम सात बजे साउथ मुंबई स्थित आरबीआई के हेडक्‍वॉर्टर में एक अहम बैठक होनी है। हालांकि, आरबीआई ने बैठक के एजेंडा की जानकारी नहीं दी थी और यह भी नहीं बताया था कि बैठक में किन बातों पर चर्चा हो सकती है। दो बैंकरों ने कहा कि बैठक से पहले आरबीआई बैंकरों को सामान्‍य तौर पर नोटिस देती है ताकि वे तैयारी के साथ आ सकें।
आरबीआई ने बुलाई असमान्य बैठक-
इस बैठक का आयोजन आरबीआई के मिंट स्‍ट्रीट हेडक्‍वॉर्टर की 15वीं मंजिल पर किया गया था। बैठक में देश के सभी टॉप बैंकर मौजूद थे। ये वे बैंकर थे जिनके पास तीन दशकों से भी ज्‍यादा वक्‍त का अनुभव है। बैंकरों ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया को बताया कि इस बैठक की शुरुआत में आरबीआई के अधिकारियों ने मुख्‍य तौर पर बैंकिंग सेक्‍टर में नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट्स (एनपीए) की स्थिति के बारे में चर्चा की। इसके बाद कुछ अन्‍य मुद्दों पर चर्चा की गई। रात आठ बजे से ठीक पहले आरबीआई के अधिकारियों ने कमरे में लगे टीवी को चालू कर दिया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री जल्‍द ही देश को संबोधित करेंगे और उनके भाषण के बाद वे फिर से अपनी चर्चा जारी रखेंगे।
नोटबंदी की घोषणा से चकित हुए बैंकर्स-
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान जब तक इस बात की घोषणा नहीं कर दी कि रात 12 बजे के बाद 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट नहीं चलेंगे, तब तक कमरे में मौजूद किसी भी बैंकर को इसकी भनक तक नहीं लगी। उन्‍हें शायद अंदाजा नहीं था कि आने वाले दिन उनके लिए कितने चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा, 'इस घोषणा से हम भी उतने ही चकित हुए, जितना बाकी लोग।' पीएम का भाषण खत्‍म होने के बाद सभी बैंकर तुरंत अपने-अपने काम पर लौट जाना चाहते थे।
आधी रात में की गई सारी तैयारी-
अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा, 'कमरे का माहौल ऐसा था कि हर कोई जल्‍द से जल्‍द वहां से निकल जाना चाहता था और अपने-अपने काम में लग जाना चाहता था। हमें भी जल्‍दी निकलना पड़ा ताकि हम अपने लोगों को बता सकें कि आधी रात तक सभी एटीएम को बंद कर दिया जाए ताकि उनमें पड़ी पुरानी करंसी निकाली जा सके। यह काफी बड़ा काम था। इसके बाद एटीएम मशीनों को नई करंसी के मुताबिक ढालना का काम भी करना था।'
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top