Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

2019 तक प्रशिक्षित हो जाएंगे 15 लाख अप्रशिक्षित शिक्षक: जावड़ेकर

एचआरडी मंत्रालय ने जारी किया एनआईओएस का डेढ़ वर्ष का डी़ ईएल़ ईडी डिप्लोमा कार्यक्रम।

2019 तक प्रशिक्षित हो जाएंगे 15 लाख अप्रशिक्षित शिक्षक: जावड़ेकर

केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि प्राथमिक स्तर पर स्कूलों में पढ़ाने वाले कुल 15 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए दी गई 2019 की समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

अगर इस दौरान भी कोई शिक्षक प्रशिक्षण कार्य पूरा नहीं कर पाया। तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

यह जानकारी उन्होंने मंगलवार को इस बाबत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) द्वारा तैयार किए गए डेढ़ वर्ष के डी़ ईएल़ ईडी नामक एक ऑनलाइन डिप्लोमा कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए दी।

इसे भी पढ़ें- BHU के कुलपति गिरिश चंद्र त्रिपाठी ने HRD मंत्रालय को दी धमकी, कही ये बड़ी बात

उन्होंने कहा कि संसद के बीते मानसून सत्र में इस बारे में आरटीई कानून में संशोधन भी कर दिया गया है। साथ ही राज्यों के साथ कई दौर की वार्ताओं में समयसीमा न बढ़ाने को लेकर स्पष्ट संदेश भी दे दिए गए हैं।

ऐसे में अब किसी को भी सरकार से एक्सटेंशन की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। मंत्रालय में विशेष सचिव रीना रे ने कहा कि अप्रशिक्षित शिक्षकों का आंकड़ा निजी स्कूलों (12 लाख) में सरकारी स्कूलों (3 लाख) की तुलना में कहीं ज्यादा है।

मंत्रालय की ओर से इस संबंध में एनआईओएस को बीते 10 अगस्त को निर्देश जारी किया गया था। कोर्स करने के लिए शिक्षकों को 6 हजार रूपए खर्च करने पड़ेंगे। शुरूआती वर्ष में उनसे एनआईओएस 4 हजार 500 रूपए लेगा।

अपनी सहुलियत से पढ़ेंगे शिक्षक

एनआईओएस ने जो प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के लिए तैयार किया है। उसे वह अपनी सहुलियत के हिसाब से दिन में कभी भी पढ़ सकेंगे। हर शिक्षक को दिन में केवल तीन घंटे प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता होगी।

मंत्रालय के मूक्स प्लेटफार्म, स्वयं पोर्टल, डीडी पर प्रसारित होने वाले स्वयंप्रभा के 32वें चैनल और एनआईओएस डी़ ईएल़ ईडी नामक ऐप जैसे ऑनलाइन माध्यमों के जरिए शिक्षक पढ़ाई कर सकेंगे।

डेढ़ साल के इस पाठ्यक्रम को 4 कोर्सेज व 4 सेमेस्टर में बांटा गया है। हर 12 दिन में शिक्षकों की दो कार्यशालाएं होंगी। इन ऑनलाइन माध्यमों पर शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए 1 हजार 80 इंटरेक्टिव लैचर्स भी अपलोड किए गए हैं, जिससे उन्हें कोर्स को समझने में आसानी होगी।

इन माध्यमों पर कोर्स मैटीरियल को हिंदी, अंग्रेजी के अलावा 10 क्षेत्रीय भाषाओं में भी अपलोड किया गया है। मंत्रालय का कहना है कि एनआईओएस के पास इस वक्त सभी 15 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों ने इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है।

कोर्स की शुरूआत 3 अक्टूबर 2017 से होकर इसका समापन 31 मार्च 2019 को होगा। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किसी भी शिक्षक को 12वीं कक्षा में 50 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

इसके अलावा एससी, एसटी, ओबीसी व दिव्यांग शिक्षकों के लिए अंक सीमा में पांच फीसदी की छूट दी गई है। इससे यह 45 फीसदी हो जाती है। एनआईओएस का कहना है कि जिन शिक्षकों के 50 फीसदी अंक नहीं हैं। वह कोर्स के साथ-साथ संस्थान से 12वीं की परीक्षा देकर 50 फीसदी का अंक प्रतिशत हासिल कर सकते हैं।

शीर्ष पर है बिहार

इस वक्त बिहार में सर्वाधिक ढाई लाख अप्रशिक्षित शिक्षक हैं। दूसरे स्थान पर पश्चिम-बंगाल है। यहां अप्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या 1.30 लाख है। इसके बाद उत्तर-प्रदेश, मध्य-प्रदेश और असम में अप्रशिक्षित शिक्षकों का आंकड़ा एक लाख से ज्यादा है।

दक्षिण के राज्यों में अप्रशिक्षित शिक्षकों का आंकड़ा बाकी राज्यों की तुलना में काफी कम है। उदाहरण के लिए आंध्र-प्रदेश में यह आंकड़ा 5 से 10 हजार के बीच में है।

इसके अलावा कोर्स के लिए एनआईओएस पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले शिक्षकों में छत्तीसगढ़ से 66 हजार 219 शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली से 1 हजार 18, हरियाणा से 4 हजार 537 और मध्य-प्रदेश से 1 लाख 91 हजार 510 शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top