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ये है भारत का सबसे लंबा ढोला-सादिया पुल, जानिए इसकी 10 खासियत

इस पुल से असम और अरुणाचल प्रदेश की दूरी 165 किमी कम हो जाएगी।

ये है भारत का सबसे लंबा ढोला-सादिया पुल, जानिए इसकी 10 खासियत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम के अरुणाचल प्रदेश में देश के सबसे लंबे ढोला-सादिया पुल का लोकार्पण किया। यह पुल असम के पूर्वी हिस्से में अरूणाचल प्रदेश की सीमा से सटे क्षेत्र में बना है।

इस पुल से असम और अरुणाचल प्रदेश की दूरी 165 किमी कम हो जाएगी। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि पिछले पांच दशक से जिसका इंतजार हो रहा था वो आज लोगों को मिल गया।

प्रधानमंत्री ने ढोला-सदिया पुल का नाम असम रत्न डॉ. भूपेन हजारिका के नाम पर घोषित किया। यहां के लोगों ने इस पुल को भूपेन हजारिका के नाम पर रखने की मांग की थी। पुल से चीन बार्डर से हवाई दूरी 100 किलोमीटर है। जानिए इस पल की 10 ख़ास बातें....

1. ढोला-सादिया पुल की लंबाई 9.15 किमी है। इस लिहाज से यह बांद्रा-वर्ली सी-लिंक से भी 30% ज्यादा लंबा है।

2. यह पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किमी और अरुणाचल की राजधानी ईटानगर से 300 किमी दूर है।

3. चीन की सीमा से इस पुल की हवाई दूरी 100 किमी से भी कम है

4. तेजपुर के करीब कलाईभोमोरा पुल के बाद ब्रह्मपुत्र पर अगले 375 किमी तक कोई दूसरा पुल नहीं है।

5. अभी तक इस इलाके में नदी के आरपार के सारे कारोबार नावों के जरिए ही होते रहे हैं।

6. साल 2011 इसे बनाने का काम शुरू हुआ और इसकी लागत 950 करोड़ रूपए है।

7. ये पुल 182 खंभों पर टिका है। जो पूर्वोत्तर के दो राज्यों असम-अरुणाचल को जोड़ेगा

8. जनता के आने-जाने और कारोबार के अलावा, इससे सेना की आवाजाही में भी बेहद सुविधा होगी

9. इससे चीन सीमा तक के सफर में 4 घंटे की कटौती होगी

10. पुल को इतना मजबूत बनाया गया है कि 60 टन के मेन बैटल टैंक भी गुजर सकें

11. इतना ही नहीं ये भूकंप के झटके भी आसानी से झेल सकता है।

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