Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

30 जनवरी को 11 बजते ही जो जहां है, वही खड़े होकर रहेगा मौन..जानिए क्यों

देश के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी को प्रदेश भर में एक साथ सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन रखा जाएगा। यह ऐसे शहीदों की स्मृति में होगा, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने जीवन का बलिदान दिया है। इस दौरान सभी तरह की गतिविधियां रोक दी जाएगी। In the memory of the martyrs of the freedom struggle, a two-minute silence will be observed simultaneously across the state at 11 am on January 30. Wherever it is, as soon as the siren sounds, we will stand there and observe silence.। जीएडी ने इसे गंभीरता के साथ लेने का सख्त अनुराेध किया है।

30 जनवरी को 11 बजते ही जो जहां है, वही खड़े होकर रहेगा मौन..जानिए क्यों
X

भोपाल। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्ताें व कलेक्टरों को पत्र जारी कर कहा कि इसे सभी लोग गंभीरता के साथ लेंगे। जीएडी ने कहा कि पिछले वर्ष देखा गया कि जब दो मिनट का मौन रखा जा रहा था तो आम लोग अपने दैनिक कार्य में लगे रहते हैं। इसलिए सभी से सख्त अनुराेध किया गया है कि वे इसका पालन करेंगे। इस दौरान सभी तरह की गतिविधियां रोक दी जाएगी। इसे व्यापक रूप से आम जनता को भी जागरूक किया जाए। इस दिन के लिए स्थाई अनुदेश निर्धारित किए गए हैं। 

कुछ इस तरह से होगा आयोजन

30 जनवरी को सुबह 11 बजे प्रदेश भ्ार में एक साथ यह आयोजन होगा। सभी तरह की गतिविधियां इस समय रोक दी जाएगी। दो मिनट का मौन शुरू होने तथा समाप्त होने की सूचना जहां कहीं व्यावहारिक हो, सायरन बजाकर अथवा सेना की तोप दागकर दी जाएगी। दो मिनट का मौन रखने की सूचना 10.59 बजे से 11 बजे तक सायरन बजाकर दी जाएगी। फिर दो मिनट बाद 11.02 बजे से 11.03 बजे तक ऑल क्लीयर सायरन बजाया जाएगा। सिग्नल सुनकर (जहां उपलब्ध हो) सभी व्यक्ति खड़े हो जाएंगे, तथा मौन रखेंगे। जहां सिग्नल उपलब्ध नहीं है, ऐसे जगहों पर सभी संबंध्िातों को 11 बजे सुबह दो मिनट के लिए मौन का पालन करने के लिए उपयुक्त निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

कलेक्टरों को यह निर्देश जारी किए गए

जीएडी ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर कहा है कि जिला प्रशासन जिले की समस्त शैक्षणिक संस्थाओं तथा निजी एवं सार्वजनिक उपक्रमों को निर्देश जारी किए जाए कि शहीद दिवस संपूर्ण गरिमा के साथ मनाया जाए। कठिनाई से प्राप्त की गई स्वतंत्रता की सुरक्षा, संरक्षण तथा उसकी समृद्धि के प्रति सजग रहकर प्रत्येक नागरिक कर्तव्य और उसका नैतिक उत्तरदायित्व समझे। इसके साथ ही यह सुनिश्िचत किया जाए कि इस निर्देश का पालन सख्ती से कराया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

Next Story