नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। उनके इस संबोधन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, क्योंकि सरकार की ओर से अभी तक विषय का खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
इस बिल में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास कराने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। ऐसे में बिल पारित नहीं हो सका।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर नाराजगी जताई और कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन न करके गलती की है। उन्होंने संकेत दिए कि इस फैसले के राजनीतिक परिणाम सामने आ सकते हैं।
बताया जा रहा है कि सरकार 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने के लिए नए प्रस्ताव लेकर आई थी। इसके तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी का भी प्लान था। हालांकि, बिल पास न होने के कारण अब यह योजना फिलहाल अटक गई है। यह भी कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में देश की महिलाओं को संदेश दे सकते हैं और संसद में बीते दो दिनों की घटनाओं पर सरकार का पक्ष स्पष्ट कर सकते हैं।
गौरतलब है कि पिछले 12 वर्षों में यह पहला मौका है, जब सरकार लोकसभा में कोई महत्वपूर्ण बिल पास नहीं करा पाई है। ऐसे में आज रात का संबोधन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।