​भारतीय उपमहाद्वीप के ऊपर 1000 किलोमीटर लंबा बादलों का एक विशाल तंत्र सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत 5 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।

Weather Alert: मौसम विभाग और सैटेलाइट तस्वीरों ने एक बेहद डरावनी तस्वीर पेश की है। भारत और पाकिस्तान के एक बड़े हिस्से पर लगभग 1000 किलोमीटर के दायरे में घने काले बादल छा गए हैं। यह मौसमी बदलाव एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है, जो ईरान और अफगानिस्तान के रास्ते होते हुए अब भारतीय सीमा में प्रवेश कर चुका है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर बादलों का जमावड़ा पिछले कई सालों में पहली बार देखा गया है, जो बड़े मौसमी बदलाव का संकेत है।

​पंजाब, हिमाचल और हरियाणा समेत 5 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट 

इस विशाल क्लाउड सिस्टम का सबसे ज्यादा असर उत्तर भारत के पांच राज्यों- हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में दिखने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने इन राज्यों के लिए 'ऑरेंज' और 'रेड' अलर्ट जारी किया है। पंजाब और हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।

वहीं, हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। दिल्ली-NCR में भी तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जिससे प्रदूषण के स्तर में तो कमी आएगी लेकिन जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

​हिमाचल और उत्तराखंड में बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा 
पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए यह क्लाउड सिस्टम किसी आफत से कम नहीं है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों के दौरान इन राज्यों में 'क्लाउड बर्स्ट' जैसी स्थिति बन सकती है।

बिजली गिरने की घटनाओं में तेजी आने की आशंका है, जिसके कारण पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ऊंचे इलाकों और नदियों के पास न जाने की सलाह दी गई है।

भारी बारिश के चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे प्रमुख राजमार्गों पर यातायात बाधित हो सकता है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।

​किसानों के लिए चेतावनी और तापमान में गिरावट का दौर 
बेमौसम की यह बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बनकर आई है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में गेहूं और सरसों की फसलें तैयार खड़ी हैं, ऐसे में तेज हवाओं और ओलों से फसलों को भारी नुकसान होने का डर है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को ढक कर रखें और फिलहाल सिंचाई का काम रोक दें। तापमान की बात करें तो इस क्लाउड कवर के कारण अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे लोगों को अप्रैल के महीने में एक बार फिर गुलाबी ठंड का अहसास होगा। यह मौसमी सिस्टम अगले तीन दिनों तक सक्रिय रहने की संभावना है।