Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

SC/ST Act को लेकर मायावती की खुली पोल, मुख्यमंत्री रहते हुए जारी किए थे ये निर्देश

एससी-एसटी संरक्षण एक्ट में बदलाव को लेकर देशभर में हुए हिंसक प्रदर्शन को बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती के समर्थन के बाद राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। बता दें कि खुद मायावती भी उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री के तौर पर सु्प्रीम कोर्ट के फैसले की भांति आदेश जारी कर चुकी हैं।

SC/ST Act को लेकर मायावती की खुली पोल, मुख्यमंत्री रहते हुए जारी किए थे ये निर्देश
एससी-एसटी संरक्षण एक्ट में बदलाव को लेकर देशभर में हुए हिंसक प्रदर्शन को बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती के समर्थन के बाद राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। आपको बता दें कि खुद मायावती भी उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री के तौर पर सु्प्रीम कोर्ट के फैसले की भांति आदेश जारी कर चुकी हैं।
मायावती ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने राज में एससी-एसटी संरक्षण एक्ट 1989 के दुरुपयोग को रोकने के लिए आदेश जारी किए थे। मायावती द्वारा जारी एससी-एसटी संरक्षण एक्ट को लेकर आदेश इस बात पर आधारित थे कि केवल शिकायत के आधार पर ही किसी के खिलाफ कार्रवाई ना हो ब्लकि जांच के बाद के बाद दोषी पाए जाने पर ही गिरफ्तारी की जाए।

आपको बता दे कि 2007 में मायावती ने बतौर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के महज एक सप्ताह के भीतर ही एससी-एसटी संरक्षण एक्ट को लेकर निर्देश जारी किए थे। मायावती द्वारा जारी निर्देश में साफ कहा गया था कि केवल हत्या और बलात्कार जैसे जघन्य अपराध पर ही इस ऐक्ट के तहत मामला दर्ज होना चाहिए।
मायावती ने जारी निर्देश में साफ लिखा था कि एससी-एसटी संरक्षण एक्ट में बलात्कार की शिकायत पर केवल तभी कार्रवाई होनी चाहिए जब पीड़िता की विस्तृत मेडिकल जांच में यह पीड़िता के साथ बलात्कार पुष्टि हो जाए।
मायावती द्वारा जारी आदेश में साफ लिखा था कि पुलिस को केवल दलित समुदाय के लोगो कि शिकायत पर ही कानूनी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए,क्योंकि अक्सर ऐसा देखा गया है कि लोग अपना नीजी बदला लेने के लिए इस एक्ट का दुरुपयोग करते है।
मायावती द्वारा उस समय जारी एससी-एसटी संरक्षण एक्ट को लेकर निर्देश से साफ था कि मायावती लोगो के बीच यह संदेश देना चाहती है कि किसी भी तरह से इस एक्ट का निर्दोषों के खिलाफ दुरुपयोग ना हो सके।
गौरतलब है कि एससी-एसटी संरक्षण एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले सुनाते हुए इसमें तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इसके अलावा ऐक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरुरी दिशा निर्देश की भी व्यवस्था की गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलति संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद का आयोजन किया था। बंद के हिंसक होने के कारण 12 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top