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भोजशाला: पूजा और नमाज पर टकराव जारी, हाई अलर्ट पर प्रदेश

भोजशाला को लेकर यहां के लोग बड़ी दिलचस्प कहानी बताते हैं। कहते हैं राजा भोज ने भोजशाला बनाई और ये भोजशाला एक पाठशाला थी। इसमें ढाई हजार से लेकर तीन हजार बच्चे पढ़ते थे। ये जगह इसलिए चुनी गई क्योंकि राजा भोज यहां पर वागदेवी यानी बात करने वाली देवी सरस्वती से बात करते थे।

बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक हिंदू वागदेवी की पूजा करने पर अटल हैं। बसंत पंचमी पर तनाव के बीच हो रही ये पूजा क्या वागदेवी लंदन से धार आने का रास्ता निकाल देगी।
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