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खुलासा: मंदसौर में इस वजह से उग्र हुए किसान

मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसान आंदोलन 8 दिनों से जारी है।

खुलासा: मंदसौर में इस वजह से उग्र हुए किसान
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मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन 8 दिनों से जारी है। मंदसौर में मारे गए किसानों के परिजनों से बीते गुरुवार को मिलने पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पहले पुलिस ने हिरासत में लिया और फिर छोड़ भी दिया।

बता दें कि मंदसौर में किसानों पर काबू पाने में प्रशासन नाकाम रहा है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ मंदसौर के कलेक्टर और एसपी ने बीते चार दिनों में इस घटना को लेकर सिर्फ ये काम किया।

मध्य प्रदेश में गुस्साएं प्रदर्शनकारियों ने मंदसौर, देवास, नीमच, धार और इंदौर सहित कई हिस्सों में लूटपाट, आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव किया। गुरुवार को भी वहां हिंसा जारी है।

जहां प्रदर्शनकारियों ने मंदसौर में एक टोल प्लाजा में तोड़फोड़ की और वहां रखे 8-10 लाख रुपये लूट लिए। इस बीच हालात काबू में न होता देख मंदसौर के एसपी और कलेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया है।

बीते एक जून को मंदसौर में जारी हुए किसानों के आंदोलन की तरफ सांसद से लेकर विधायक और प्रभारी मंत्री ने भी किसानों के बीच में पहुंचकर कोई बातचीत नहीं की। जिसकी वजह से भी वहां के हालात बिगड़ गए।

जिले में तीन दिनों में हुई आगजनी, तोड़फोड़ में लगभग 50 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का नुकसान हुआ है और शासन ने कलेक्टर-एसपी दोनों को विदाई भी दे दी है।

जिलाधिकारी और एसपी के फैसलों में कमी

एक जून से शुरू हुए किसान आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया पहले दिन से संवाद की कोशिश नहीं। 2, 3 और 4 जून को हंगामे का मामला बढ़ने पर भी मौके से सभी एसडीएम और तहसीलदार गायब रहे पर कलेक्टर ने उनको तलब भी नहीं किया।

4 जून को शाम होते होते मंदसौर में धारा 144 लगा दी गई। और 5 जून को मामला बढ़ने के बाद पहली बार कंट्रोल रूम पर पहुंचे। वहां भी सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित मामले एसपी ओपी त्रिपाठी पर ही ढोलते रहे।

6 जून को जब हालात ही काबू से बाहर हो गए। जिले में जगह-जगह किसानों का हंगामा होने लगा और पुलिस या सीआरपीएफ के जवानों को गोली चलाना पड़ी। स्थिति काबू में नहीं आने पर मंदसौर और पिपलियामंडी में कर्फ्यू की घोषणा की गई।

तो वहीं 7 जून को भी जिले के बिगड़ते हालात पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई। किसानों ने दिनभर जिले में सभी जगह ट्रकों, मकानों, दुकानों, वाहनों और बैंक में आग लगा दी।

उसके बाद 8 जून को मंदसौर में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पुलिस को चकमा देने के लिए कई जतन किए। उन्होंने अपनी यात्रा प्लेन से शुरू की फिर कार, बाइक के बाद पैदल ही जाने की कोशिश की। लेकिन उन्हें मंदसौर से पहले रोक दिया गया।

और फिर राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया गया। लेकिन शाम होते होते उन्हें छोड़ भी दिया गया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंदसौर के कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह का तबादला करके उन्हें उपसचिव मंत्रालय नियुक्त किया गया है। सिंह के स्थान पर ओपी श्रीवास्तव को कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

सूत्रों ने साथ ही बताया कि सरकार ने मंदसौर के पुलिस अधीक्षक ओपी त्रिपाठी का भी तबादला कर दिया है और उनके स्थान पर मनोज कुमार सिंह की नियुक्ति की गई है।

वहीं पूर्व एसपी ओपी त्रिपाठी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विभिन्न जगहों में उपद्रव में शामिल 62 किसानों को गिरफ्तार किया गया है और हालात नियंत्रण में हैं।

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