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चार घंटे से ज्यादा मोबाइल-कंप्यूटर चलाने से हो जाता है विजन सिंड्रोम, 16 लाख लोगों की आंखें हुईं कमजोर

लगातार चार घंटे तक मोबाइल और कम्प्यूटर (Mobile-Computer) का इस्तेमाल करना आपकी आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आजकल बच्चे भी मोबाइल (Mobile) पर हाई रिसोल्यूशन (High Resolution) के वीडियो गेम (Video Game) खेल रहे हैं।

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भोपाल। लगातार चार घंटे तक मोबाइल और कम्प्यूटर (Mobile-Computer) का इस्तेमाल करना आपकी आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आजकल बच्चे भी मोबाइल (Mobile) पर हाई रिसोल्यूशन (High Resolution) के वीडियो गेम (Video Game) खेल रहे हैं। ऐसे में उनकी आंखों से आंसू आना और धुंधला दिखने की शिकायतें मिल रही हैं। देश भर में 16 लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी इस वजह से आंखें खराब हुई हैं। इसके लिए बच्चों और बड़ों को कम्प्यूटर और मोबाइल फोन से दूर रहने की जरूरत है। यह बात शनिवार को नेशनल ऑप्थेल्मिक एसोसिएशन इंडिया की कांफ्रेंस में देश भर से आए नेत्र विशेषज्ञों ने कही। उन्होंने बताया कि आंखों में किसी भी तरह की चोट लगने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी हैए ऐसा नहीं करने पर भविष्य में आपकी आंखों की रोशन भी जा सकती है।

डॉ वीए जोशी ने बताया कि कंप्यूटर और मोबाइल के लगातार उपयोग से विजन सिंड्रोम ( Vision Syndrome) हो जाता है। यह एक तरह की आंखों की बीमारी है। उन्होंने लोगों को ज्यादा कंप्यूटर सिस्टम का यूज नहीं करने और बच्चों को गेम न खेलने की सलाह दी। इस बीमारी के कुछ कॉमन सिम्पटम्स जैसे सिरदर्द, आंखों की रोशनी कम होना, थकी हुई आंखें, लालिमा, धुंधली दृष्टि होना बताया। उन्होंने बताया कि आंखों को स्वस्थ्य रखने के लिए ग्रीन लाफी वेजटेबल्स जैसे, गाजर, मिल्क, अंडे जैसी चीजें खानी चाहिए। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश नेत्र चिकित्सा सहायक संघ के दो दिवसीय नेशनल ऑप्थल्मिक कांफ्रेंस का आयोजन शनिवार को होटल पलाश में हुआ। जहां लोगो को आंखों की सावधानी बरतने के लिए अवगत कराया गया। अध्यक्ष एएस सेंगर ने बताया कि कांफ्रेंस का उदेश्य लोगों को आंखों की बीमारी से अवगत कराना है।

क्या है ओकुलर ट्रोमा

आक्युलर ट्रोमा ऐसी चोट हैए जो आंखों में किसी भी प्रकार से हो सकती है। आंखों में चोट लगने के दौरानए खेलने के दौरान चोट लगने से उसमें इंटरनल इंजरी हो सकती है। जैसे आंखों से आंसू आना, जो की आंखों की पलके, पुतली, लैंस रेटिना को प्रभावित करती है।

लापरवाही करने पर आंख खराब होने का खतरा

कांफ्रेंस में डॉ आभा शुक्ला ने बताया कि सही दवा नहीं लेने की वजह से कई लोगों की आंखें खराब हो जाती है। जिसकी वजह से उन्हें दिखना भी बंद हो जाता है। अब तक एक सौ नब्बे केस ऐसे आ चुके हैं, जिनको एक आंख से कम दिखता है। सोलह लाख केस ऐसे सामने आए हैं, जिनकों आंखों से दिखना ही बंद हो गया है।

चोट लगने पर किसी भी तरह का आई ड्रॉप न डालें

आंख में किसी भी तरह की चोट लगने पर किसी भी तरह का आई ड्रॉप उपयोग न करें, लगभग छह महीने तक हर हफ्ते-पंद्रह दिन में चेकअप कराएं। छोटे बच्चों को घर और त्योहारों पर खेलते समय उनका ध्यान रखा जाना चाहिए।

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