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परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा युवक का ससुर, बोला - मेरी बेटी शादी के बाद भी पूर्व प्रेमी से करती है बात... इसमें दामाद की कोई गलती नहीं

आमतौर पर देखने में आता है कि पत्नी का साथ पूरा परिवार देता है और कोई भी विवादित स्थिति निर्मित होने पर दामाद को खूब खरी-खोटी सुनाई जाती हैं, लेकिन हाल ही में परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचे एक मामले ने काउंसलरों को भी चौंका दिया।

परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा युवक का ससुर, बोला - मेरी बेटी शादी के बाद भी पूर्व प्रेमी से करती है बात... इसमें दामाद की कोई गलती नहीं
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भोपाल। आमतौर पर देखने में आता है कि पत्नी का साथ पूरा परिवार देता है और कोई भी विवादित स्थिति निर्मित होने पर दामाद को खूब खरी-खोटी सुनाई जाती हैं, लेकिन हाल ही में परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचे एक मामले ने काउंसलरों को भी चौंका दिया। इस अनोखे मामले में ससुर अपनी बेटी नही बल्कि दामाद के साथ हैं, क्योंकि उनके मुताबिक गलती पूरी तरह उनकी बेटी की हैं, जबकि दामाद तो हीरा हैं क्योंकि दामाद ने अपना हर फर्ज पूरा किया हैं। ससुर ने यह भी बताया कि अपने दामाद का साथ देने की प्रेरणा अखबार में पढ़ी एक खबर से मिली। इसके बाद वह अपनी बेटी के खिलाफ दामाद को साथ लेकर शिकायत करने परामर्श केन्द्र पहुंचे।

दरअसल, मंगलवारा थाना क्षेत्र में रहने वाले मनोज और प्रीती ;परिवर्तित नामद्ध की शादी को तीन साल हुए हैं। इनका डेढ़ साल का बेटा भी है । पति का कहना है कि पत्नी की बेवफाई का एहसास शादी के कुछ समय बाद ही होने लगा था, लेकिन पत्नी गर्भवती थी तो उसने कुछ नहीं कहा। बेटे के जन्म के समय सब ठीक रहा, लेकिन बीते आठ माह से पत्नी का व्यवहार मनोज को फिर बदला-बदला नजर आया। जब उसने पत्नी से कहा तो उसने दो टूक जवाब दिया कि साथ रहना है तो रहो वरना मुझे 15 लाख रुपए देकर तलाक ले लो। पत्नी के दो टूक जवाब के बाद दामाद ने अपनी व्यथा ससुर को सुनाई तो उन्होंने बेटी से बात की, लेकिन उसके तेवर देखकर वह स्तब्ध रह गए। उन्होंने तुरंत आवेदन तैयार कर परामर्श केन्द्र में दिया, जिससे बेटी दामाद पर किसी तरह का आरोप न लगा सके। बुर्जुग ने आवेदन में लिखा कि मेरी बेटी मेरा भी कहना नहीं मान रही है। शादी के बाद भी वह अपने शादी के पूर्व प्रेमी से बात करती है, जो सही नहीं।

काउंसलिंग में भी नहीं बदले तेवर

काउंसलिंग के दौरान पत्नी ने कहा कि पहले पिता ने उसे बंधन में बांधकर रखना चाहा, अब पति वही कर रहा है। वह अपना जीवन आजादी से जीना चाहती है। वहीं पति ने कहा कि अपने बेटे के भविष्य के लिए वह पत्नी को हमेशा अपनाने तैयार है। यदि वह अपने प्रेमी से सारे नाते तोड़ ले, लेकिन पत्नी इसके लिए तैयार नहीं हुई। मामला अब भी विचाराधीन है।

इनका कहना

ऐसे मामलों में पति-पत्नी की समझादारी ही मायने रखती हैं। परिवार चलाने के लिए एक दूसरे पर विश्वास बहुत जरूरी हैं। अधिकतर मामलों में शक के चलते दंपती के रिश्ते में दरार आ जाती है। इस मामले में पति को भी पत्नी का सम्मान करना चाहिए, वहीं पत्नी को भी अपना और बेटे का भविष्य देखते हुए अपनी गलती को सुधारना चाहिए और अपने परिवार को टूटने से बचना चाहिए।

- मोहिब अहमद, कांउसलर, परिवार परामर्श केंद्र

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