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फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर सेना में भर्ती हुआ युवक

राजधानी में फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के साथ मूल निवास प्रमाण पत्र भी फर्जी बनाए जा रहे हैं, जिसको खुलासा विदिशा में आयोजित की गई सेना की भर्ती रैली में इसका खुलासा हुआ है।

फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर सेना में भर्ती हुआ युवक
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भोपाल: राजधानी में फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के साथ मूल निवास प्रमाण पत्र भी फर्जी बनाए जा रहे हैं, जिसको खुलासा विदिशा में आयोजित की गई सेना की भर्ती रैली में इसका खुलासा हुआ है। दरअसल भर्ती में हिस्सा लेने वाले आवेदक दूसरे जिलों के मूल निवासी हैं। इसके साथ उनकी पढ़ाई भी भिंड और मुरैना जिले में हुई है, लेकिन मूल निवास प्रमाण पत्र भोपाल के लगाए गए हैं। इधर पिछले एक साल में यहां 3 हजार 687 फर्जी जाति प्रमाण पत्र मिलने का पता चला था। इन प्रमाण पत्रों का दायरा पंजी में रिकार्ड नहीं मिला था। इन आवेदकों ने प्रमाण पत्रों को डिजिटल कराने के लिए आवेदन किए थे।

राजधानी के लोक सेवा केंद्रों में अब तक करीब 15 हजार आवेदन आए हैं, जिनमें से करीब आठ हजार प्रमाण पत्र बनाकर दे दिए गए हैं, जबकि 3 हजार 687 प्रमाण पत्रों का दायरा पंजी में रिकार्ड नहीं मिला है। जिसको देखते हुए इन प्रमाण पत्रों को जब्त कर लिया गया है। जाति प्रमाण पत्रों को पूरी तरह से ऑनलाइन करने के लिए अब पुराने जाति प्रमाण पत्रों को डिजिटिलाइज्ड किया जा रहा है। जिसके तहत पुराने प्रमाण पत्र को जमा कर डिजिटल प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। इन प्रमाण पत्रों के जमा होने के बाद तहसील दफ्तरों में इन प्रमाण पत्रों का रिकार्ड दायरा पंजी में खंगाला जाता है। हुजूर एसडीएम राजकुमार खत्री का कहना है कि जाति प्रमाण पत्रों के मामले में पुराने प्रमाण पत्रों को डिजिटल किया जा रहा है। इसके लिए जिन आवेदकों का रिकार्ड दायरा पंजी में दर्ज है, उनके प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते हैं, जबकि जिनका रिकार्ड नहीं मिलता, उन्हें जब्त कर लिया जाता है।

कैसे बनता है मूल निवास
वर्तमान में मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने की सेवा को समाधान एक दिवस के तहत किया गया है। जिसके तहत आवेदन करने वाले व्यक्ति को एक दिन में ही मूल निवास प्रमाण पत्र मिल जाता है। इसके लिए पांचवी, आठवीं और दसवीं की मार्कशीट की फोटो कॉपी, वोटर कार्ड और आधार नंबर देना पड़ता है। इसके आधार पर आवेदन को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
रिकार्ड मिलने पर बनेगा नया प्रमाण पत्र
मैनुअल जाति प्रमाण पत्र को डिजिटल बनवाने के लिए लोक सेवा केंद्रों में आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए तीन दिन में प्रमाण पत्र बनाकर दिए जा रहे हैं। जिन लोगों के प्रमाण पत्र दायरा पंजी में दर्ज नहीं हैं, उनके प्रमाण पत्र जब्त किए जा रहे हैं। :
जेपी सचान, एडीएम

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